स्थापना दिवस पर शासकीय महाविद्यालय बरही में 3 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित
मध्यप्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने में सहभागी बनने दिलाई शपथ
(कटनी) – शासकीय महाविद्यालय बरही में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम मे डॉ. अरविंद सिंह ने विद्यार्थियो को बताया कि मध्यप्रदेश में 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर तीन दिवसीय उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साल 1956 में राज्यों का पुनर्गठन होने पर 1 नवंबर 1956 को नया राज्य मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया था। आज का दिन मध्य प्रदेश के गौरव, एकता और प्रगति का उत्सव है। आज के दिन पूरा मध्य प्रदेश अपना स्थापना दिवस मना रहा है। कई बड़े आयोजन हो रहे हैं, जो एमपी के गौरवपूर्ण इतिहास की गौरव गाथा सुनाते हैं। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता चला जा रहा है, वैसे-वैसे मध्यप्रदेश भी विकास की रफ्तार पकड़ता चला जा रहा है, एक समय में बीमारू राज्य कहलाने वाला मध्यप्रदेश अब विकसित राज्य बनता चला जा रहा है। मध्य प्रदेश में अब शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़ी अपार संभावनाएं नजर आ रही है। मध्यप्रदेश अपने प्राकृतिक संसाधनों और सुंदरता के लिए देश भर में प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक वैभव की चर्चा भी देश से लेकर दुनिया तक होती है।

कार्यक्रम में डॉ सुनीता सिंह, डॉ राकेश दुबे, दीपक मिश्रा ने भी अपने-अपने विचार रखें। अंत में प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को म. प्र. को भी 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने में सहभागी बनने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी, डॉ. एस. एस. धुर्वे, डॉ अरविंद सिंह, डॉ रश्मी त्रिपाठी, प्रियंका तोमर, डॉ. आर. जी. सिंह, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. के. के. विश्वकर्मा, डॉ. मंजुलता साहू, डॉ. के. के. निगम, डॉ राकेश दुबे, श्री मनीष मिश्रा, डॉ. नीलम चतुर्वेदी, डॉ. रूपा शर्मा, डॉ अरविन्द शुक्ला, श्री मनोज चौधरी, अनीता सिंह, पवन दुबे, कैश अंसारी, रावेंद्र साकेत, कृष्णपाल सिंह, सौरभ सिंह, संतोषी तिवारी, सोनम पाण्डे, दीपक मिश्रा, डॉ अरुण तिवारी, डॉ चंद्रभान विश्वकर्मा, शंकर सिंह, महिमा तिवारी, आशीष तिवारी, अजय सेन, रवि साहू, राजेश्वरी मिश्रा, गणेश प्रजापति तथा स्टॉफ के अन्य सदस्य, रासेयो स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थिति रहे।

