मैहर मां शारदा मंदिर में नियमों की अनदेखी? विधायक के ‘अस्त्र पूजन’ से मचा बवाल, कार्रवाई की मांग तेज
(मैहर) मां शारदा की पावन नगरी मैहर में 6 फरवरी को मुंडन पर्व के दौरान एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कुंडा के विधायक राजा भैया रघुराज प्रताप सिंह के कथित ‘अस्त्र पूजन’ को लेकर शारदा प्रबंधक समिति के सदस्य सचिन मिश्रा ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।
सचिन मिश्रा ने वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र सिंह मंजू सर एवं मुकेश श्रीवास्तव को मीडिया के माध्यम से बताया कि विधायक का मंदिर में दर्शन करना स्वागतयोग्य है, किंतु नियमों की अवहेलना करते हुए अस्त्र (बंदूक) को मंदिर परिसर के ऊपर तथा गर्भगृह तक ले जाकर पूजन करना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि मंदिर की स्पष्ट नियमावली के अनुसार किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र को परिसर में ले जाना पूर्णतः वर्जित है। इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि तत्कालीन महाराजा ब्रजनाथ सिंह द्वारा बलि प्रथा पर रोक लगाई जा चुकी है और मां शारदा के दरबार में किसी भी प्रकार के हथियार ले जाना प्रतिबंधित है।
ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर नियमों के बावजूद विधायक अस्त्र लेकर गर्भगृह तक कैसे पहुंच गए?
मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की भूमिका पर भी अब प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। समिति सदस्य ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो।
क्या मंदिर नियम सबके लिए समान हैं?
यह मुद्दा अब धार्मिक आस्था, परंपरा और कानून व्यवस्था से जुड़कर बड़ा रूप लेता नजर आ रहा है।
