AI में भारत का बड़ा दांव इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को वैश्विक प्रतिक्रिया, 70 अरब डॉलर निवेश की तैयारी

(नई दिल्ली) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है और यह अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का एआई पारिस्थितिकी तंत्र अब व्यवस्थित, तैनाती-केंद्रित और निवेश-अनुकूल रूप से विकसित हो रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि यह वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला वैश्विक AI समिट होगा।

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया बैठकों के बाद भारत में एआई के मॉडल, एप्लिकेशन और अवसंरचना तीनों स्तरों पर तेज़ी से काम हो रहा है। प्रमुख आईटी कंपनियों द्वारा 200 से अधिक डोमेन-स्पेसिफिक AI मॉडल विकसित किए गए हैं, जिन्हें समिट के दौरान लॉन्च किया जाएगा।

 70 अरब डॉलर से आगे बढ़ेगा निवेश

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्तमान में भारत में एआई अवसंरचना में करीब 70 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश हो रहा है, जो समिट के समापन तक दोगुना होने की संभावना है। साथ ही, 500 विश्वविद्यालयों में एआई अवसंरचना और उद्योग-अनुमोदित पाठ्यक्रम लागू कर AI टैलेंट पूल को मजबूत किया जाएगा।

 AI के भविष्य पर वैश्विक मंथन

इस अवसर पर मंत्री ने “द इम्पैक्ट एजेंडा: लीडरशिप रिफ्लेक्शंस” नामक संकलन का विमोचन किया, जिसमें 60 से अधिक वैश्विक उद्योग विशेषज्ञों के विचार शामिल हैं। यह संकलन एआई के भविष्य, समावेशी विकास, नवाचार और सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित है।

 30 देशों की भागीदारी, 480 से ज्यादा प्री-समिट इवेंट

सम्मेलन में बताया गया कि अब तक 30 देशों में 83 अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सहित 480 से अधिक प्री-समिट इवेंट सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। भारत के 7 राज्यों में क्षेत्रीय एआई सम्मेलन भी संपन्न हो चुके हैं, जिससे राष्ट्रीय एआई प्राथमिकताओं को मजबूती मिली है।

 वैश्विक दिग्गज होंगे शामिल

समिट में 15 राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख, 40 से अधिक मंत्री, 100+ CEO/CXO और 100 से अधिक शिक्षाविदों की भागीदारी की पुष्टि हुई है।
जियो, क्वालकॉम, OpenAI, NVIDIA, Google, Microsoft, एडोब और गेट्स फाउंडेशन जैसे वैश्विक दिग्गज इसमें भाग लेंगे।

समापन में यह स्पष्ट किया गया कि भारत सरकार की प्राथमिकता AI को सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी बनाना है, ताकि नवाचार के साथ-साथ आर्थिक विकास और सामाजिक प्रभाव भी सुनिश्चित किया जा सके।

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