राजस्व विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली से जनता परेशान, पारदर्शी व्यवस्था की मांग — यूवा कांग्रेस प्रदेश सचिव शिवम पाण्डेय

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(मैहर) राजस्व विभाग में लंबित प्रकरणों, नामांतरण, सीमांकन और भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण में हो रही देरी को लेकर अब आमजन की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव शिवम पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि तहसील और राजस्व कार्यालयों में आम नागरिकों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा, जिससे ग्रामीण और किसान वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में महीनों तक फाइलें लंबित रहना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। ऐसी ही कुछ आराजीया वार्ड नंबर एक की है जो एकलव्य स्कूल मार्ग पर स्थित है उनके मामले अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के यहां चल रहे हैं एसडीएम बदलते जा रहे हैं मगर मामलों का निष्कर्ष फैसले आज तक नहीं हो पाये।

नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और रिकॉर्ड सुधार जैसे कार्यों के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि शासन स्तर पर त्वरित सेवा देने की बात कही जाती है।

युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव ने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग जानकारी के अभाव और प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण परेशान रहते हैं। यदि समयबद्ध व्यवस्था लागू की जाए और शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग हो, तो आमजन को राहत मिल सकती है।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों की सार्वजनिक सूची जारी की जाए, शिकायत निवारण शिविर लगाए जाएं तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। इससे जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की शिकायतों में भी कमी आएगी।

शिवम पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आमजन, किसान और गरीब वर्ग की समस्याओं को प्राथमिकता देती रही है। यदि राजस्व विभाग की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनहित में व्यापक जनआंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है।

शिवम पान्डेय ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व विभाग में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।

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