वन विभाग को मिले 112 नए वनरक्षक, दीक्षांत समारोह में बांटे गए प्रमाण-पत्र
वन बल प्रमुख बोले – वनरक्षक ही हैं वन विभाग की असली ताकत, निभाएं जिम्मेदारी के साथ अपना दायित्व
बैतूल। मध्यप्रदेश वन विभाग को 112 नए प्रशिक्षित वनरक्षकों की सौगात मिली है। वन विद्यालय बैतूल में आयोजित 107वें वनरक्षक प्रशिक्षण सत्र के दीक्षांत समारोह में सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन बल प्रमुख Shubharanjan Sen ने नव-प्रशिक्षित वनरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वनरक्षक वन विभाग की रीढ़ हैं और वन संरक्षण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वन संसाधनों और वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब इन नव-प्रशिक्षित वनरक्षकों के कंधों पर है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (विकास) Purushottam Dhiman ने कहा कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके लिए समर्पण के साथ कार्य करना आवश्यक है।
दीक्षांत समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी 112 वनरक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वन विद्यालय में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आकर्षक पासिंग आउट परेड रही, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों ने अनुशासन और दक्षता का प्रदर्शन किया।
वन विद्यालय बैतूल के संचालक Naveen Garg ने प्रशिक्षण सत्र का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वनरक्षकों को वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, वन अपराध नियंत्रण, कानून प्रवर्तन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से संबंधित व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण भविष्य में प्रदेश के वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
