Municipal Corporation Scam : नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप, 630 से अधिक फर्जी पट्टों और इंदिरा रसोई भुगतान में अनियमितताओं की जांच तेज
शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में, रिकॉर्ड और भुगतान प्रक्रिया पर उठे सवाल
बाड़मेर। नगर परिषद में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि नगर परिषद क्षेत्र में 630 से अधिक संदिग्ध बी-सीरीज पट्टे जारी किए गए, जबकि कई मामलों में आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि इन पट्टों के माध्यम से बड़ी राशि का लेन-देन हुआ। कई लाभार्थियों ने पट्टे प्राप्त किए, लेकिन बाद में दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठने लगे। जांच में यह भी सामने आया है कि बड़ी संख्या में पट्टों से संबंधित फाइलें और रिकॉर्ड परिषद कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं।

रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप
सूत्रों के अनुसार नगर परिषद के अभिलेखों में सभी पट्टों का पूरा विवरण दर्ज नहीं मिला है। कई फाइलों और दस्तावेजों के गायब होने की बात भी सामने आ रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूरे मामले में करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि पट्टों के वितरण की प्रक्रिया में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही तथा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

इंदिरा रसोई योजना के भुगतान पर भी सवाल
मामले में इंदिरा रसोई योजना से जुड़े भुगतान भी जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित बिलों के आधार पर बड़ी राशि जारी की गई, जबकि कुछ मामलों में वास्तविक आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि योजना के नाम पर करोड़ों रुपये के भुगतान हुए, जिनकी पारदर्शिता की जांच आवश्यक है। प्रशासन संबंधित दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहा है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड, पट्टा वितरण प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह नगर परिषद के इतिहास के बड़े मामलों में से एक हो सकता है।
प्रमुख बिंदु
- 630 से अधिक बी-सीरीज पट्टों पर उठे सवाल
- रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच जारी
- इंदिरा रसोई योजना के भुगतान भी जांच के दायरे में
- प्रशासन ने शिकायत के बाद शुरू की जांच
- दोषियों पर कार्रवाई की संभावना

