कृषि धन-धान्य योजना की समीक्षा, सभी विभाग योजनाओं की प्रगति पोर्टल पर नियमित अपडेट करें
कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश, ग्रामीण आजीविका और किसानों की आय प्रभावित न हो
बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजना के प्रत्येक इंडिकेटर पर निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए प्रगति सुनिश्चित करें तथा योजनाओं एवं उपलब्धियों की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर दर्ज करें, ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी और समीक्षा की जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभाग संभावित कम वर्षा की स्थिति के लिए अभी से तैयारी करें। यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो प्रत्येक विभाग अपनी वैकल्पिक कार्ययोजना (कंटीजेंसी प्लान) तैयार रखे, जिससे ग्रामीण आजीविका, किसानों की आय और कृषि गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि विभाग को किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों, उन्नत कृषि तकनीकों एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन की व्यवस्था करने, उद्यानिकी विभाग को बागवानी एवं फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग को किसानों की आय बढ़ाने वाले पूरक व्यवसायों का विस्तार करने तथा सहकारिता विभाग को किसानों को आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका आधारित गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि कृषि धन-धान्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें और प्रत्येक गतिविधि का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले में कृषि उत्पादन, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को निरंतर मजबूती मिल सके।
