बरही अस्पताल के पास रोज लगता है जाम, समोसे की दुकान के बाहर अव्यवस्था से थम रहा ट्रैफिक
108 एम्बुलेंस से लेकर आम जनता हो रही परेशान, प्रशासन की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल
बरही (RPKP INDIA NEWS) बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित मुख्य सड़क इन दिनों गंभीर यातायात अव्यवस्था का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन 5 से 10 मिनट तक भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। यही अस्पताल, खितौली मार्ग तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां दिनभर दोपहिया, चार पहिया वाहनों के साथ-साथ गिट्टी से लदे भारी वाहन भी गुजरते हैं। ऐसे में रोजाना लगने वाला जाम अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल के पास संचालित एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान पर दिनभर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लगी रहती है। आरोप है कि दुकान पर आने वाले ग्राहक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क के दोनों किनारों पर मनमाने ढंग से खड़े कर देते हैं। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। परिणामस्वरूप इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को प्रतिदिन जाम की परेशानी झेलनी पड़ती है।
लोगों का कहना है कि इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। नौकरीपेशा लोग, छात्र-छात्राएं, व्यापारी, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग, मरीज और उनके परिजन रोजाना इस जाम में फंसकर समय बर्बाद होने के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करते हैं। कई बार भारी वाहनों और छोटे वाहनों के आमने-सामने आ जाने से स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार खितौली मार्ग की ओर से गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं अथवा दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को लेकर आने वाली 108 एम्बुलेंस भी इसी जाम में फंस जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार एम्बुलेंस को 5 से 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद चालक और आसपास मौजूद लोग स्वयं सड़क पर खड़े वाहनों को हटवाकर रास्ता बनाते हैं, तब कहीं जाकर एम्बुलेंस अस्पताल तक पहुंच पाती है।
लोगों का कहना है कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और ऐसी स्थिति किसी भी दिन गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि कई महीनों से लगातार बनी हुई है। इसकी जानकारी एक से अधिक बार स्थानीय पुलिस और नगर प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि व्यापार करना सभी का अधिकार है, लेकिन यदि किसी व्यापारिक गतिविधि के कारण सार्वजनिक सड़क बाधित हो, यातायात प्रभावित हो और आम जनता को रोज परेशानी उठानी पड़े, तो प्रशासन को समय रहते व्यवस्था बनानी चाहिए।
राहगीरों का यह भी दावा है कि बरही थाना की डायल-112 सहित पुलिस के वाहन दिन में कई बार इसी मार्ग से गुजरते हैं। उस दौरान भी सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन आसानी से दिखाई देते हैं, लेकिन आरोप है कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि अस्पताल के पास स्थित इस मार्ग पर तत्काल यातायात प्रबंधन लागू किया जाए, सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए, आवश्यकता होने पर नो-पार्किंग जोन घोषित किया जाए तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों और आपातकालीन सेवाओं को राहत मिल सके।
सबसे बड़ा सवाल..
जब इस समस्या की जानकारी संबंधित विभागों को पहले से है, तब भी यदि रोजाना आम लोग जाम में फंस रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और एम्बुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल रहा, तो आखिर इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा?
बरही की जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और तत्काल कार्रवाई चाहती है, क्योंकि यह जाम अब केवल ट्रैफिक की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और मानव जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।
✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
बरही

