MP में घुड़सवारी को नई उड़ान! एनसीसी के साथ मिलकर बनेंगे फीडर सेंटर, भोपाल में जल्द स्टेट चैंपियनशिप

भोपाल | RPKP INDIA NEWS

मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल को नई पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से घुड़सवारी के समग्र विकास को लेकर राष्ट्रीय स्तर का विशेष सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के प्रशिक्षकों, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर भविष्य की रणनीति पर मंथन किया।

टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में आयोजित इस सेमिनार की अध्यक्षता सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने की। विभाग के अनुसार, घुड़सवारी खेल को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के लिए मध्यप्रदेश में पहली बार इस स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया गया।

एनसीसी के साथ साझेदारी से तैयार होंगे फीडर सेंटर

सेमिनार में सबसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में एनसीसी और सेना से जुड़े प्रशिक्षण केंद्रों को संभावित फीडर सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई।

मंत्री सारंग ने बताया कि इन केंद्रों पर खिलाड़ियों को घुड़सवारी की शुरुआती ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में एडवांस और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इससे प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने तक एक व्यवस्थित प्रशिक्षण तंत्र बनाने में मदद मिलेगी।

भोपाल में जल्द होगी स्टेट चैंपियनशिप

घुड़सवारी को प्रदेश में लोकप्रिय बनाने के लिए भोपाल में जल्द स्टेट चैंपियनशिप आयोजित करने की घोषणा भी की गई है।

सरकार का मानना है कि नियमित प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव मिलेगा और युवाओं में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी। इससे प्रदेश में घुड़सवारी के लिए व्यापक आधार तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों की राय से बनेगा लंबी अवधि का रोडमैप

सेमिनार में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक खेल विज्ञान, प्रतियोगिताओं, अधोसंरचना, अच्छे घोड़ों की उपलब्धता और प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए।

मंत्री सारंग के अनुसार, विशेषज्ञों से मिले सुझावों को शामिल करते हुए मध्यप्रदेश में घुड़सवारी के विकास के लिए दीर्घकालीन रोडमैप और व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसे केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय को भी भेजने की बात कही गई है।

घोड़ों के लिए क्वारंटाइन सेंटर की तैयारी

घुड़सवारी खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ने के लिए प्रदेश में मान्यता प्राप्त घोड़ा क्वारंटाइन सेंटर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

इसका उद्देश्य प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले घोड़ों से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं विकसित करना है।

घुड़सवारी को देशभर में लोकप्रिय बनाने पर जोर

मंत्री सारंग ने कहा कि घुड़सवारी भारत की परंपरा और विरासत से जुड़ा खेल है। अब इसे आधुनिक तकनीक, खेल विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़कर नई ऊंचाई देने की जरूरत है।

सेमिनार में खेल प्रतिभाओं की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की दक्षता, बेहतर सुविधाओं और सरकारी तथा निजी संस्थानों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई।

देशभर से पहुंचे खिलाड़ी और विशेषज्ञ

राष्ट्रीय सेमिनार में देश के अलग-अलग हिस्सों से घुड़सवारी से जुड़े विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने भाग लिया। कुछ विशेषज्ञ और खिलाड़ी ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े।

हरियाणा, दिल्ली, मेरठ और अन्य स्थानों से आए विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण और खेल के विस्तार को लेकर अपने अनुभव साझा किए। प्रदेश के एनसीसी केंद्रों, राइडिंग क्लबों, स्कूलों और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

मध्यप्रदेश घुड़सवारी अकादमी की अहम भूमिका

मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी की स्थापना जनवरी 2007 में हुई थी। अकादमी में शो जंपिंग, ड्रेसेज और इवेंटिंग जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, अकादमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 284 पदक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 65 पदक हासिल किए हैं।

इंडोर एरीना का काम अंतिम चरण में

भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टीपर्पस इंडोर एरीना का निर्माण भी अंतिम चरण में बताया गया है।

इसके पूरा होने के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की घुड़सवारी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए प्रदेश में आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। इससे मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख घुड़सवारी केंद्रों में शामिल करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, एनसीसी फीडर सेंटर, स्टेट चैंपियनशिप, आधुनिक प्रशिक्षण और नई अधोसंरचना जैसी योजनाओं के जरिए मध्यप्रदेश घुड़सवारी खेल के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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