राहुल गांधी को सीधी चुनौती, सदन का सामना करें, सरकार हर विषय पर चर्चा को तैयार : हेमंत खण्डेलवाल
झारखंड के छात्रों से दूरी, जंतर-मंतर के छात्रों पर नौटंकी, राहुल गांधी का यह कैसा दोहरा मापदंड : हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल (RPKP INDIA NEWS) : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी को यदि वास्तव में देश के मुद्दों पर चर्चा और सवालों के जवाब चाहिए, तो उन्हें संसद चलने देना चाहिए। राहुल गांधी को भाजपा की सीधी चुनौती है कि वह सदन का सामना करें और, क्योंकि केंद्र सरकार हर विषय पर चर्चा को तैयार करें। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी सदन ही नहीं चलने दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों पर गोली चालन का झूठा आरोप लगाते हैं, झूठ पर आधारित राजनीति करते हैं। जबकि हकीकत यह है कि दिल्ली में छात्रों पर किसी भी प्रकार का गोली चालन हुआ ही नहीं। सरकार द्वार यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिए जाने के बाद राहुल सदन में चर्चा से कतरा रहे हैं, वह हर दिन गोलपोस्ट बदल रहे हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि सदन में चर्चा हुई तो उनके झूठ का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के हितों का ढोंग कर रहे हैं। जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन पर मनगढंत आरोप तो लगाते हैं, लेकिन उनके समर्थन से सरकर वाले राज्य झारखंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज पर चुप क्यों हैं। भारतीय जनता पार्टी छात्रों के भविष्य को संवारने, उनके हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। पेपर लीक जैसे विषय पर कड़े कानून बनाए हैं, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी छात्रों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का कार्य कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से पूरा देश देख रहा है कि राहुल गांधी लगातार नए-नए आरोप लगाकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। हर दिन नया मुद्दा, हर दिन नया आरोप-राहुल गांधी की राजनीति का यही आधार बन गया है। राहुल गांधी को चर्चा चाहिए या सिर्फ हंगामा? देश अब इसका जवाब मांग रहा है। राहुल का उद्देश्य संवाद और चर्चा नहीं, बल्कि संसद में अराजकता पैदा करना है। राहुल गांधी ने संसदीय इतिहास की गरिमा और मर्यादा को तार-तार करने का काम किया है। इस दौरान पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल सहित मीडिया विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री जी जब हर सवाल का जवाब देने को तैयार तो राहुल गांधी चर्चा से क्यों भाग रहे
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सदन में चर्चा करने के लिए तैयार है। छात्रों सहित हर विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी चर्चा करने को तैयार नहीं। राहुल गांधी आखिर लोकतंत्र का सामना क्यों नहीं करना चाह रहे, वह सदन में चर्चा में शामिल होने से क्यों भाग रहे हैं। पहले उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद नीट के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की। सरकार ने न केवल चर्चा की, बल्कि पेपर लीक के खिलाफ कानून को और सख्त बनाने का भी काम किया। अब जंतर-मंतर के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से सदन में बयान देने की मांग शुरू कर दी। सरकार पहले दिन से स्पष्ट कर रही है कि विपक्ष सदन को सुचारू रूप से चलने दे, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सदन में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं, फिर भी राहुल गांधी संसद की कार्यवाही को नहीं चलने दे रहे और चर्चा से भाग रहे हैं?
छात्रों के नाम पर दोहरा मापदंड क्यों अपना रहे राहुल गांधी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर राजनीति करने की चिंता तो है, लेकिन झारखंड के छात्रों की आवाज उनके कानों तक क्यों नहीं पहुंचती? उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस की सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। वहां छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कंटीले तार, लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल कर बर्बरता की गई है। यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें झारखंड के छात्रों के साथ भी खड़ा होना चाहिए और वहां की घटनाओं पर जवाब देना चाहिए। छात्र जंतर-मंतर के हों तो राहुल गांधी को राजनीति सूझती है, लेकिन झारखंड के छात्रों की पीड़ा क्यों दिखाई नहीं देती? क्या छात्रों के लिए भी कांग्रेस ने राजनीतिक सुविधा के आधार पर अलग-अलग मापदंड तय कर रखे हैं? राहुल गांधी को छात्रों के नाम पर देश को गुमराह करने और सुविधा की राजनीति करने के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
संसद देश की जनता की आवाज है, इसे बंधक नहीं बनाया जा सकता
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन जवाब सुनना भी उसकी जिम्मेदारी है। राहुल गांधी को हंगामे और राजनीतिक स्वार्थ की राजनीति छोड़कर सदन में चर्चा का सामना करना चाहिए। संसद देश की जनता की आवाज है, इसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के छात्रों को लेकर राजनीति करने वाले राहुल गांधी झारखंड के छात्रों के मामले में मौन क्यों हैं? छात्रों के मुद्दे पर यह दोहरा मापदंड देश की जनता के सामने राहुल गांधी की सुविधा की राजनीति को उजागर करता है। राहुल गांधी हर दिन अपना गोलपोस्ट बदल रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि यदि सदन में चर्चा हुई और सरकार ने हर सवाल का जवाब दिया, तो उनके द्वारा फैलाए गए झूठ और भ्रम का पर्दाफाश हो जाएगा।
राहुल गांधी झूठ बोलना बंद करें, वह छात्रों के मुद्दों पर हंगामा और राजनीति कर रहे हैं
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सदन में सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद राहुल गांधी ने फिर अपना गोलपोस्ट बदल लिया। राहुल गांधी ने कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर गोली चली। यह पूरी तरह गलत और भ्रामक दावा है। कोई गोली नहीं चली। राहुल गांधी को देश को गुमराह करने वाले ऐसे बयानों से बचना चाहिए। राहुल गांधी लगातार नए-नए आरोप लगाकर भ्रम का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सवाल पूछने के बाद जवाब सुनना भी विपक्ष की जिम्मेदारी है। संसद को बाधित करना, लगातार मुद्दे बदलना और चर्चा से भागना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। अब राहुल गांधी तय करें कि उन्हें चर्चा चाहिए या केवल हंगामा और राजनीति करनी है। संसद देश की जनता की आवाज है, इसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए बंधक बनाना बंद करें। देश की जनता सच्चाई जानना चाहती है और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। अब राहुल गांधी को सदन में आकर चर्चा का सामना करना चाहिए, गोलपोस्ट बदलना और भ्रम फैलाना बंद करना चाहिए।
