MP कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल-विदिशा 4 लेन को मंजूरी, किसानों और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बड़ी सौगात

भोपाल | RPKP INDIA NEWS मध्यप्रदेश में विकास, किसान कल्याण, स्वास्थ्य, सड़क और महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार ने कई बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कुल 47 हजार 990 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को 4 लेन करने से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के लिए सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की स्थापना और महिलाओं के पुरस्कारों की राशि बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

भोपाल-विदिशा सड़क बनेगी 4 लेन, 1,757 करोड़ से ज्यादा मंजूर

भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल-विदिशा मार्ग के 44.830 किलोमीटर हिस्से को 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर बनाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाएगा। इसके निर्माण से भोपाल और विदिशा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

भोपाल बायपास को 6 लेन करने की तैयारी

भोपाल बायपास को 4 लेन से 6 लेन करने की दिशा में भी मंत्रि-परिषद ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। 51.963 किलोमीटर लंबे बायपास पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क यानी टोल वसूली की अनुमति दी गई है।

सरकार के अनुसार बायपास के बेहतर संचालन और भविष्य में इसके विस्तार से भोपाल शहर पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

जंगलों से जुड़े लोगों को मिलेगा लाभांश

संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने की योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत अब केवल श्रमिक ही नहीं, बल्कि समिति से जुड़े क्षेत्र के रहवासियों को भी लाभांश दिया जाएगा।

वन संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है।

सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी सौगात

किसान कल्याण वर्ष में सरकार ने सोयाबीन किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर देने की मंजूरी दी गई है।

इस संस्थान के माध्यम से सोयाबीन अनुसंधान और कृषि विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 44,515 करोड़ रुपये

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 44,515.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं।

इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था और जिला स्तरीय अमले से जुड़ी योजनाओं के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है।

महिलाओं के राज्य स्तरीय पुरस्कारों की राशि बढ़ी

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी गई है। वहीं रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।

इन पुरस्कारों के जरिए विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज सेवा करने वाली महिलाओं के योगदान को पहचान और प्रोत्साहन देने का उद्देश्य है।

कृषि विश्वविद्यालय के लिए 795 करोड़ रुपये

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केंद्र संचालित हैं, जहां कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं।

देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ा

देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र में 14 मई 2026 को हुई पटाखा फैक्ट्री अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग के कार्यकाल को तीन महीने बढ़ाने का अनुमोदन किया गया है। आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री सुभाष काकड़े कर रहे हैं और कार्यकाल 14 अगस्त 2026 तक बढ़ाया गया है।

MPPSC की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखने का भी अनुमोदन किया है। साथ ही उन मामलों से संबंधित ज्ञापन भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है।

सरकार का फोकस: सड़क, किसान, स्वास्थ्य और रोजगार

मंत्रि-परिषद के फैसलों से साफ है कि सरकार ने अधोसंरचना के साथ-साथ किसान, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता दी है। भोपाल-विदिशा फोरलेन और भोपाल बायपास विस्तार जैसे फैसले जहां कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे, वहीं सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट और कृषि विश्वविद्यालय के लिए मंजूरी कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की कोशिश है।

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