पत्रकार से कथित मारपीट मामले में कार्रवाई नहीं, 19 अगस्त को मुख्यमंत्री के समक्ष पत्रकार सौंपेंगे ज्ञापन
थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पर गंभीर आरोप, पत्रकार राजमणि पांडे ने लगाया प्रताड़ना व धमकी का आरोप; निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
(मैहर) पत्रकार राजमणि पांडे के साथ कथित मारपीट, हिरासत में रखने एवं उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए जाने के मामले में अब तक अपेक्षित जांच और कार्रवाई नहीं होने को लेकर पत्रकारों में नाराजगी है। पत्रकार सुरक्षा कल्याण परिषद सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने आगामी 19 अगस्त को मैहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने तथा ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।
पत्रकार राजमणि पांडे ने पत्रकार साथियों के समक्ष अपनी आपबीती बताते हुए आरोप लगाया कि थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी द्वारा उन्हें बिना किसी अपराध के रातभर लॉकअप में रखा गया और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। पांडे का आरोप है कि इसके बाद उनके विरुद्ध फर्जी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
उन्होंने थाना प्रभारी पर गंभीर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पत्रकार का कहना है कि उन्हें लगातार डराने-धमकाने के साथ उनके विरुद्ध आगे भी कार्रवाई करने की बात कही गई। पांडे ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस जांच अथवा कार्रवाई सामने नहीं आई।
पत्रकार राजमणि पांडे ने कहा कि उनकी मांग किसी अधिकारी के विरुद्ध व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की है।
पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि पत्रकारों के साथ होने वाली कथित ज्यादती और शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं होगी तो इससे पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होंगे। इसी मुद्दे को लेकर 19 अगस्त को मुख्यमंत्री के समक्ष ज्ञापन सौंपकर मामले में शीघ्र जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।
