अब WhatsApp से होगी खाद की बुकिंग, किसानों को नहीं लगानी पड़ेगी लंबी कतार
अब WhatsApp से होगी खाद की बुकिंग, किसानों को नहीं लगानी पड़ेगी लंबी कतार
भोपाल | RPKP INDIA NEWS
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने उर्वरक बुकिंग के लिए WhatsApp चैटबॉट सेवा शुरू की है। अब किसान अपने मोबाइल फोन से WhatsApp के जरिए घर बैठे उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे।
इस डिजिटल सुविधा का उद्देश्य उर्वरक बुकिंग की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना है। इससे किसानों को बुकिंग के लिए बार-बार कार्यालय या अन्य स्थानों पर जाने की जरूरत कम होगी।
WhatsApp पर सिर्फ “Help” या “Fertilizer” लिखकर शुरू होगी प्रक्रिया
किसान आधिकारिक WhatsApp Business नंबर पर “Help” या “Fertilizer” लिखकर चैटबॉट सेवा शुरू कर सकते हैं। इसके बाद सिस्टम किसान की पहचान और पात्रता का डिजिटल सत्यापन करेगा।
आधार और OTP से होगा किसान का सत्यापन
चैटबॉट पर किसान को अपना पंजीकृत आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार सत्यापन के बाद किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा।
OTP दर्ज करने के बाद किसान की प्रोफाइल संबंधी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसके बाद किसान अपनी भूमि और फसल से जुड़ी जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।
जमीन और फसल की जानकारी चुननी होगी
सत्यापन के बाद किसान अपनी भूमि का विवरण देख सकेगा और संबंधित जिले का चयन करेगा। इसके बाद पात्र भूमि या खसरे के विरुद्ध संबंधित फसल का चयन कर जानकारी सुरक्षित करनी होगी।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक बुकिंग के अगले चरण में पहुंच सकेगा।
खाद का प्रकार और मात्रा खुद चुन सकेंगे किसान
WhatsApp चैटबॉट के माध्यम से किसान उर्वरक का प्रकार, संबंधित उर्वरक और आवश्यक मात्रा का चयन कर सकेंगे।
इसके बाद किसान को उपलब्ध विकल्पों के आधार पर अपना ब्लॉक, रिटेलर और कंपनी चुनने की सुविधा मिलेगी। साथ ही पात्र उर्वरक उठाव की तारीख भी निर्धारित की जा सकेगी।
QR कोड वाला टोकन मिलेगा
बुकिंग की जानकारी दर्ज होने के बाद सिस्टम उपलब्धता का सत्यापन करेगा। पात्रता और उपलब्धता के आधार पर किसान को QR कोड युक्त उर्वरक टोकन जारी किया जाएगा।
WhatsApp के माध्यम से किसान को टोकन नंबर, संबंधित रिटेलर, उर्वरक का विवरण, उठाव की तारीख और टोकन की वैधता की जानकारी भी प्राप्त होगी।
किसानों के लिए क्यों खास है यह सुविधा?
नई WhatsApp सेवा से उर्वरक बुकिंग की प्रक्रिया डिजिटल और सुविधाजनक होगी। किसानों को बुकिंग के लिए अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल प्रक्रिया के जरिए बुकिंग से किसान को अपनी बुकिंग से संबंधित जानकारी भी WhatsApp पर ही मिल सकेगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
तकनीक से किसान सेवाओं को आसान बनाने की पहल
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसान सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आसान बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम है। WhatsApp जैसे आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले प्लेटफॉर्म के माध्यम से उर्वरक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने का प्रयास किया गया है।
