सागर जहरीली शराब त्रासदी: जीतू पटवारी ने प्रभावित गांवों का किया दौरा, कहा— सरकार आंकड़े छिपाकर मौतों की सच्चाई नहीं छिपा सकती
पीड़ित परिवारों से मिले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, न्यायिक जांच, दोषियों पर हत्या का मुकदमा और आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग
भोपाल। RPKP INDIA NEWS
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के जहरीली शराब त्रासदी से प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने छापरी, बम्हूरा, चौका, हिनौती, दलपतपुर, धुरमार, गूगरा, नौराज सहित प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान श्री पटवारी ने कहा कि यह केवल कुछ लोगों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि दर्जनों परिवारों के उजड़ने की त्रासदी है। जिन घरों में कल तक चूल्हे जलते थे, आज वहां मातम पसरा हुआ है। कांग्रेस का कार्यकर्ता और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मैं इन परिवारों के साथ खड़ा हूं और उनकी लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ूंगा।

श्री पटवारी ने कहा कि 50 से अधिक मौते हो चुकी है सरकार का पूरा तंत्र मौतों के सही आंकड़े सामने लाने के बजाय आंकड़े छिपाने में लगा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि यदि अवैध और जहरीली शराब गांव-गांव तक पहुंच रही थी तो प्रशासन और आबकारी विभाग क्या कर रहा था? आखिर जहरीली शराब का यह नेटवर्क इतने बड़े पैमाने पर कैसे संचालित होता रहा?

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। कभी दूषित पानी से लोगों की जान जा रही है, कभी कफ सिरप सवालों के घेरे में आता है और अब जहरीली शराब ने परिवारों को तबाह कर दिया है। सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की जिंदगी बचाना होनी चाहिए, अपनी नाकामियों को छिपाना नहीं।
‘जहर बेचने वालों को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है?’
श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि अवैध और जहरीली शराब का कारोबार बिना राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर चलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना होगा कि जहरीली शराब कहां बनी, किसके माध्यम से गांवों तक पहुंची, किन लोगों ने इसे बेचा और इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने वाले कौन लोग हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वर्तमान आबकारी मंत्री को बताना चाहिए कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि गांव-गांव अवैध शराब बिक रही है और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है तो यह प्रशासनिक विफलता है, और यदि जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो यह उससे भी गंभीर सवाल है।

श्री पटवारी ने कहा कि शराब के कारण आज कई परिवारों में मातम पसरा हुआ है। उन्होंने पीड़ित परिवारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि किसी ने अपना बेटा खोया है, किसी ने पति और किसी ने अपना कमाने वाला सदस्य। ये सिर्फ मौतें नहीं हैं, बल्कि परिवारों की जिंदगी उजड़ने की घटनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों में विभिन्न सामाजिक वर्गों और समुदायों के लोग शामिल हैं। भाजपा के बड़े नेताओं को अपने-अपने समाज के उन परिवारों के सामने जवाब देना चाहिए, जिन्होंने अपनों को खोया है।
‘शराबबंदी होती तो शायद यह स्थिति नहीं बनती’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस लगातार शराबबंदी और अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाती रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रदेश में शराबबंदी लागू की जाती तो क्या जहरीली शराब के इस कारोबार और उससे होने वाली त्रासदी पर रोक नहीं लग सकती थी?
उन्होंने कहा कि शराब का अवैध कारोबार बंद होना चाहिए और जहरीली शराब बेचने वालों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभावित गांवों में परिवारों के बीच जाएंगे और उनकी हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि—
– पूरे जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच कराई जाए।
– दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
– अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच कर उसके राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षणकर्ताओं को सामने लाया जाए।
– प्रत्येक पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए।
– मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
– लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
– आबकारी मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए अथवा उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
श्री पटवारी ने कहा कि “सरकार आंकड़े छिपाकर मौतों की सच्चाई नहीं छिपा सकती। हर मौत के पीछे एक परिवार उजड़ा है और हर परिवार सरकार से जवाब मांग रहा है। शराब के इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों को बचाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस पीड़ितों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी।”
उन्होंने कहा कि सागर की जनता और पूरा प्रदेश अब यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर जहरीली शराब गांव-गांव तक कैसे पहुंची और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सरकार कब कार्रवाई करेगी?
