छात्रावासों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें : कलेक्टर
भोजन, स्वच्छता और शिक्षा की गुणवत्ता पर दें विशेष ध्यान, अधीक्षक मुख्यालय में रहकर करें दायित्वों का निर्वहन
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रतिदिन अपडेट की जाए। विद्यार्थियों को मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए सायंकालीन अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने तथा छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल सहित अन्य योजनाओं का लाभ समय-सीमा में उपलब्ध कराने को कहा गया।
कलेक्टर ने सभी अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की देखभाल और छात्रावास की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। छात्रावासों में उपलब्ध सामग्री के सत्यापन के लिए दल गठित कर एक माह में सभी छात्रावासों का निरीक्षण कराने, सामग्री का स्टॉक पंजी में संधारण करने तथा आवश्यक सामग्री की सूची तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने आश्रम शालाओं का नियमित निरीक्षण करने और शिक्षकों के समय पर उपस्थित नहीं होने की जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीधी शहर में आयोजित विंध्य महोत्सव में कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रावासों के विद्यार्थियों को भ्रमण कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए इच्छुक विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश अधीक्षकों को दिए गए।
कलेक्टर ने बताया कि अक्टूबर माह में प्रत्येक विकासखंड से एक छात्रावास का चयन उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए किया जाएगा। उन्होंने इसे खुली प्रतियोगिता बताते हुए सभी अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को छात्रावासों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कहा। मूल्यांकन में भोजन, वॉशरूम, शौचालय, परिसर की स्वच्छता एवं बाहरी व्यवस्था तथा भवन की स्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं को आधार बनाया जाएगा।
दिसंबर माह में जिले के छात्रावासों में निवासरत छात्राओं के बीच यूथ गेम्स एवं कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कलेक्टर ने अधीक्षकों को विद्यार्थियों की तैयारी कराने के निर्देश दिए। साथ ही कुछ अधीक्षकों का चयन कर नवोदय विद्यालयों के छात्रावासों का भ्रमण कराने तथा वहां की बेहतर व्यवस्थाओं एवं नवाचारों को अपने छात्रावासों में लागू करने के लिए योजना तैयार करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, सुविधा और शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बैठक में निर्माण शाखा प्रभारी के बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त पी.के. पाण्डेय, मंडल संयोजक संजय सिंह चौहान, छात्रावास शाखा प्रभारी अमृतलाल गुप्ता सहित जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत समस्त अधीक्षक-अधीक्षिकाएं उपस्थित रहे।
