संकट में महिलाओं को मिले सम्मान, सुरक्षा और त्वरित न्याय, वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने भोपाल केंद्र की व्यवस्थाएं देखीं, काउंसलिंग से कानूनी सहायता तक की ली जानकारी
भोपाल। RPKP INDIA NEWS। मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग ने संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक ने भोपाल स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान आयोग की पदाधिकारियों ने काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय और पुलिस सहायता सहित केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों से महिलाओं से संबंधित मामलों के निराकरण की प्रक्रिया और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सहायता के बारे में भी जानकारी ली गई।
संकट की स्थिति में संवेदनशील व्यवहार जरूरी
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा कि संकट की स्थिति में वन स्टॉप सेंटर पहुंचने वाली प्रत्येक महिला को सुरक्षा के साथ सम्मान और भरोसे का वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रभावी काउंसलिंग के साथ आवश्यक चिकित्सा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय रखना जरूरी है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके।
एक ही स्थान पर मिले जरूरी सेवाएं
आयोग की सदस्य साधना स्थापक ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए काउंसलिंग, चिकित्सा, कानूनी और पुलिस सहायता के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने शिकायतों के त्वरित निराकरण और जरूरत के अनुसार महिलाओं को संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहायता के लिए महिलाओं को अलग-अलग कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय और संस्थागत समन्वय को मजबूत किया जाना चाहिए।
महिलाओं के अधिकारों और न्याय तक पहुंच पर जोर
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और न्याय से जुड़े मामलों में जनसुनवाई, निरीक्षण और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से काम किया जाता है। वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान भी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
आयोग ने महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।

