स्लीमनाबाद टनल का काम अंतिम चरण में, जल्द रीवा के खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा जल: CM मोहन यादव
रीवा। RPKP INDIA NEWS। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल का निर्माण कार्य तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। टनल का काम पूरा होने के बाद रीवा जिले के खेतों तक नर्मदा नदी का जल पहुंच सकेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को विस्तार मिलेगा। मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल किसानों से संवाद कर रहे थे।
सिंचाई परियोजनाओं से 1.32 लाख हेक्टेयर भूमि को लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्योंथर, लोंही, सिरमौर और सेमरिया की सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रीवा जिले में करीब 1 लाख 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को खेती में नई संभावनाएं मिलेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के पास भूमि के पट्टे हैं, लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हुई है, ऐसे पट्टाधारकों की रजिस्ट्री राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क कराई जाएगी। सरकार करीब 50 लाख पट्टों की रजिस्ट्री का शुल्क, जिसकी अनुमानित राशि करीब 4 हजार करोड़ रुपये बताई गई है, स्वयं वहन करेगी।
प्राकृतिक और तकनीकी खेती पर जोर
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के जनप्रतिनिधियों और चार प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ अपनाई जा रही नई तकनीकों और खेती के तरीकों के अनुभव जाने।
किसानों ने बताया कि उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग से तकनीकी खेती तथा जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती में लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने रीवा के किसानों से प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, श्रीअन्न, पशुपालन और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
1 हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती क्लस्टर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए रीवा जिले में करीब 1 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को नेचुरल फार्मिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बसामन मामा गो-अभयारण्य को गौ-संवर्धन और ग्रामीण स्वावलंबन का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। यहां संचालित प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत और प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उद्यानिकी और श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा के किसान पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में भी आगे बढ़ रहे हैं। जिले में अमरूद, आंवला और कटहल का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है।
उन्होंने कहा कि राज्य मिलेट मिशन के तहत कोदो-कुटकी जैसी फसलों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। श्रीअन्न की खेती से किसानों की आय बढ़ाने के साथ परिवारों की पोषण सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी किया किसानों को संबोधित
रीवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा नीता कोल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान किसानों को तेजा दशमी, डोल ग्यारस और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं।
