मैहर में ग्रामीणों ने शराब से लदी गाड़ी पकड़ी, जांच की मांग; आबकारी और पुलिस कार्रवाई पर नजर
मैहर। मैहर क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा शराब से लदी एक गाड़ी पकड़े जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वाहन में बड़ी मात्रा में शराब ले जाई जा रही थी। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पकड़े गए वाहन में मौजूद शराब के स्रोत, परिवहन परमिट, वाहन के दस्तावेज और शराब को ले जाने के निर्धारित स्थान की जांच की जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की ओर से शराब कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि परिवहन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित कंपनी, उसके मैनेजर या अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर अभी आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
23 सितंबर के कमिश्नर के निर्देशों का भी हवाला
मामले को लेकर ग्रामीणों ने 23 सितंबर को रीवा संभाग के कमिश्नर द्वारा आबकारी अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का भी हवाला दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने मैहर जिले में गांव-गांव से मिल रही अवैध शराब बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही बड़े स्तर पर अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई और अवैध परिवहन पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया था।
ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि अब पकड़ी गई शराब और वाहन की जांच के आधार पर प्रशासन को पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि वाहन में मिली शराब का परिवहन किस दस्तावेज और परमिट के आधार पर किया जा रहा था। पुलिस और आबकारी विभाग की जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
