पत्रकार सुरक्षित होगा तो समाज सुरक्षित होगा, पत्रकार सुरक्षा कानून बेहद जरूरी : पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए एक दिसंबर को सभी जिला इकाईया देगीं धरना

दतिया, RPKP INDIA NEWS
माँ पीतांबरा की पवित्र भूमि दतिया में मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की छठवीं प्रदेश कार्यसमिति बैठक एवं प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया की अध्यक्षता एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की विशेष उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दतिया विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, रतनगढ़ धाम के महंत पं. राजेश कटारे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्रकार सुरक्षा कानून का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संत विचारक होता है और पत्रकार प्रचारक होता है। मिमियाने वाला बकरा और समाज को जगाने वाला मुर्गा सबसे ज्यादा काटा जाता है, क्योंकि लोगों को जागना पसंद नहीं है। यदि पत्रकारों में एकता होगी तो पूरा सिस्टम ठीक रहेगा। पत्रकारों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वे समाज को जगाने का काम करते हैं। पत्रकार सुरक्षित होगा तो पूरा समाज सुरक्षित होगा। उन्होंने घोषणा की कि संघ की अगली बैठक फरवरी माह में बागेश्वर धाम में आयोजित की जाए।

पत्रकार सुरक्षा कानून की रणनीति पर फोकस
सममेलन का मुख्य फोकस पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करवाने की रणनीति पर रहा। संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने ऐलान किया कि दिसंबर माह से प्रदेश की प्रत्येक जिला इकाई अपने-अपने जिले में धरना-प्रदर्शन करेगी और सांसद-विधायकों को ज्ञापन सौंपेगी। इसके पहले प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर अग्रवाल ने संगठन की उपलब्धियों को रेखांकित कर प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने में किए जा रहे विलंब पर चिंता जताई और रणनीति बनाकर आंदोलन पर जोर दिया। पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर छतरपुर जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह सेंगर, शाजापुर जिलाध्यक्ष अभिषेक सक्सेना, उमरिया जिलाध्यक्ष चंद्रकांत दुबे, अशोकनगर जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा और प्रदेश सचिव मेहदी हसन ने भी जोरदार वकालत की।

पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया के कड़क मिजाज पर शायराना अंदाज में कहा कि गाली हुजूर की लगती है दुआओं जैसी। उन्होंने कहा कि जब वे 36 साल पहले विधायक बनकर भोपाल पहुंचे थे तब शलभ भदौरिया के लेखन के चर्चे आम थे। विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि जहां तमाम संस्थाएं अपने काम में सफल नहीं हो पातीं, वहां लोकतंत्र को बचाए रखने में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है।

सम्मेलन में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और पत्रकार साथ-साथ चलते हैं तभी जिला विकास करता है। पत्रकारों के काम करने की कोई समय सीमा नहीं होती, जबकि प्रशासन की समय सीमा होती है। पत्रकारों को कवरेज में बहुत समस्याएं आती हैं, बहुत सारी ऐसी घटनाएं होती हैं, इसलिए एक साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन पत्रकारों की समस्या का समाधान करता है तो प्रशासन अच्छे से चलता है। अनुभवी पत्रकार व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि समस्या उठाता है, इसलिए व्यक्ति विशेष के बजाय सार्वजनिक समस्या उठाएं। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि प्रशासन को अच्छा काम करने में पत्रकारों का बहुत सहयोग रहता है।

सम्मेलन में प्रदेश महासचिव सुनील त्रिपाठी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और कोषाध्यक्ष शिशुपाल सिंह तोमर ने आय-व्यय का ब्यौरा रखा। कार्यक्रम का संचालन शासन संगठन समन्वय समिति के संयोजक रिजवान अहमद सिद्दीकी ने किया।

स्वागत उद्बोधन आयोजन समिति के संयोजक मनोज गोस्वामी और जिला इकाई अध्यक्ष नितेंद्र गोस्वामी ने दिया। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार दुबे, प्रवीण मिश्रा, मनोज द्विवेदी, दिलीप सिंह भदौरिया, राजेंद्र राठौर, सदस्यता अभियान समिति के संयोजक सरल भदौरिया, अनुशासन समिति के संयोजक प्रहलाद भदौरिया, संगठन प्रभारी मो अली, महिला प्रकोष्ठ की संयोजक अनिता चौबे, सह संयोजक नवनीत काबरा, अनिल त्रिपाठी सहित प्रदेशभर के श्रमजीवी साथी मौजूद थे।

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