गाय के प्रति समर्पण हो रामस्वरूपा चार्य जी महाराज

बड़ा अखाड़ा आश्रम में श्रीमद भागवत महा पुराण
मैंहर। श्रीराम जनकी मंदिर बड़ा अखाड़ा आश्रम में एक दिसम्बर से प्रारम्भ श्री सीता राम विवाह महामहोत्सव का आयोजन 11 दिसम्बर तक चलेगा परम् पूज्य सख्य उपासना चार्य अमित वर्य श्री मद्रास सखेन्द निध्या चार्य जु की पावन तपस्थली बड़ा अखाड़ा मैंहर में पूज्य पाद अनंत श्री विभूषित श्री सद्गुरु देव भगवान सभी संत भगवान वैष्णो जन की कृपा से सीताराम विवाह महामहोत्सव का गरिमा मय आयोजन किया जा रहा है आश्रम के पीठाधीश्वर सीता बलभ शरण जु महाराज के साथ ही श्रीमद भागवत कथा के प्रमुख वक्ता श्री राम स्वरूपा चार्य जी महाराज प्रमुख मुखार बिंद चित्रकूट ने अपनी कथा में कहा कि गंगा माता मंदाकिनी माता जैसी पवित्र नदिया साफ व स्वच्छ होनी चाहिये यहां लगे पेड़ो को काटने छाँटने की जरूरत नही है गौ माता की रक्षा करो 33 करोड़ देवताओं को मनाने की कोशिश करोगे तो कोई न कोई रूठ जाता है जब परिवार के सदस्य एक नही हो सकते ऐसे में देवता भी है जो कि एक नही हो सकते गौ माता ही ऐसी है जिसके रोम रोम में देवताओं का वास है गाय के प्रति समर्पण हो गया हमारी माता है उक्त आयोजन में प्रधान यज्ञा चार्य डॉक्टर बलराम पांडेय व्याकरणाचार्य रीवा सहायक यज्ञा चार्य, मनसुखलाल गौतम, कामता प्रसाद जी , प्रमुख यज्ञ यजमान रामलाल बड़गैया, श्रीमती लता बड़गैया सतना, नीरज बड़गैया , नीलेश बड़गैया, नीरज मिश्रा, श्रीमती कल्पना मिश्र मानपुर, एवम नित्य हवन पूजन व्यवस्था यजमान विश्वनाथ चौरसिया गुड्डू ,श्रीमती रश्मि चौरसिया मैंहर, नित्य भोजन प्रसाद एवम विशाल भंडारा व्यवस्था संयोजक संजू बेरी ,श्रीमती अम्बिका बेरी मैंहर बाल भोग नित्य यजमान अनन्त दुवेदी राजेश्वर, राममिलन दुवेदी, प्रदीप संदीप, दीपक दुवेदी चोरमारी, एवम चाय फलाहार यजमान ब्रह्म देव जयपति मिश्रा, दिनेश मिश्र, प्रभात नाथ मिश्र मैंहर, प्रमुख श्रोता डॉक्टर केसव पांडेय माधव पांडेय श्रीमती निशा पांडेय, दिन दयाल पांडेय, दिलीप पांडेय, पिता स्वर्गीय रामनारायण पांडेय करताह मैंहर, श्रीराम लीला मंचन आदर्श रामलीला मण्डल खजूरी ताल उमरिया के महंत गुरु प्रशन्न दास द्वारा प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक रामलीला का आयोजन नगर पालिका अध्यक्ष धर्मेश घई के संयोजन में हो रहा है, इस मौके पर लोक सभा के पूर्व प्रत्याशी राजाराम त्रिपाठी ,सुरेश तिवारी, आरके सिंह, रामनिवास उरमलिया, श्रीकांत चतुर्वेदी, प्रभात दुवेदी, शंकर दत्त पांडेय, वेद प्रकाश चतुर्वेदी, रामप्रकाश गुप्ता, गोवर्धन गुप्ता, बन्सगोपाल परौहा सहित काफी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने कथा का रस पान किया।
