!!.पवई विधायक प्रहलाद लोधी को विवादित ड्रामा से मिली मुक्ति: विधानसभा सदस्यता हुई बहाल.!!!!.पवई विधायक प्रहलाद लोधी को विवादित ड्रामा से मिली मुक्ति: विधानसभा सदस्यता हुई बहाल.!! पंकज पाराशर छतरपुर बुंदेलखंड में जीत और हार जंग से बेचैन पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रहलाद लोधी को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन से राहत मिली है, मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसम्बर से शुरू होना है। वहीं सबकी नजर पवई विधायक प्रहलाद लोधी को लेकर विधानसभा के फैसले पर टिकी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोधी की सदस्यता बहाल कर दी गई है। यह जानकारी विधानसभा सचिवालय द्वारा दी गई है। चुनाव आयोग को भी इस संबंध में पूर्व में पवई विधानसभा रिक्त होने की जानकारी के संबंध में लिखा गया पत्र निरस्त कर दिया गया है l गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते मप्र हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने के लिए लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद लोधी की सदस्यता बहाल होने की संभावना बढ़ गई थी। हाईकोर्ट ने प्रहलाद लोधी की सजा को माफ नहीं किया है, बल्कि निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाई है। उल्लेखनीय है कि पवई विधायक प्रहलाद लोधी के खिलाफ लंबित केस की सुनवाई में पिछले महीने भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी। भोपाल कोर्ट की सजा के खिलाफ लोधी ने हाई कोर्ट में अपील की थी जहां से उन्हें राहत मिली और सजा पर जनवरी 2020 तक रोक लगा दी गई। इस बीच सरकार की और से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका भी खारिज हो गई।
पंकज पाराशर छतरपुर
बुंदेलखंड में जीत और हार जंग से बेचैन पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रहलाद लोधी को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन से राहत मिली है, मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसम्बर से शुरू होना है। वहीं सबकी नजर पवई विधायक प्रहलाद लोधी को लेकर विधानसभा के फैसले पर टिकी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोधी की सदस्यता बहाल कर दी गई है। यह जानकारी विधानसभा सचिवालय द्वारा दी गई है। चुनाव आयोग को भी इस संबंध में पूर्व में पवई विधानसभा रिक्त होने की जानकारी के संबंध में लिखा गया पत्र निरस्त कर दिया गया है l गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते मप्र हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने के लिए लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद लोधी की सदस्यता बहाल होने की संभावना बढ़ गई थी। हाईकोर्ट ने प्रहलाद लोधी की सजा को माफ नहीं किया है, बल्कि निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाई है। उल्लेखनीय है कि पवई विधायक प्रहलाद लोधी के खिलाफ लंबित केस की सुनवाई में पिछले महीने भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी। भोपाल कोर्ट की सजा के खिलाफ लोधी ने हाई कोर्ट में अपील की थी जहां से उन्हें राहत मिली और सजा पर जनवरी 2020 तक रोक लगा दी गई। इस बीच सरकार की और से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका भी खारिज हो गई।

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