पेयजल आपूर्ति के इंतजाम समय-सीमा में सुनिश्चित करें – संभागायुक्त श्री कियावत
( भोपाल )
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए
ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में किसी भी स्थिति में नागरिकों को सुचारू पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने यह निर्देश संभाग के सभी जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामों में हेण्डपंप मरम्मत, राइजिंग पाईप डालने, ट्रांसफार्मर सुधार, बिजली बिल भुगतान, नल – जल परियोजना के तहत मरम्मत कार्य सहित सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं। गर्मी में जहाँ पेयजल की समस्या होती है, वहाँ पेयजल की टेंकर से आपूर्ति के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पूर्व पूर्ण की जाएं। कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति निर्मित नहीं होना चाहिए। विद्युत विभाग के अधिकारियों से मिलकर नल-जल योजना के बिजली बिल का समायोजन कराएं। संभाग में बिल भुगतान न होने से नल-जल योजना बंद होने की नौबत न आने पाए।
संभागायुक्त श्री कियावत ने निर्देश दिए कि ग्रामीण स्तर पर पुराने जल स्त्रोत जैसे कुए, बावड़ी, तालाब आदि का मनरेगा प्रावधनों के अंतर्गत जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सुधार संबंधी कार्य को त्वरित गति से कराएं ताकि जल संरक्षण हो, भूमिगत जल में वृद्धि हो, पेयजल स्त्रोतों में वृद्धि हो, तालाबों के जीर्णोद्धार होने से मत्स्यपालन, सिंचाई जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे लोगों की आय में वृद्धि होगी।

“नरवाई जलाने से रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश करें जारी”
रबी की फसल की कटाई के बाद नरवाई जलाने से रोकने के लिए धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर पूर्णत: पालन सुनिश्चित कराया जाए। सभी किसानों से नरवाई न जलाने के लिए संकल्प पत्र भरवाया जाए। हार्वेस्टर के पंजीयन के समय सुनिश्चित करें कि इस्ट्रारीपर के साथ ही फसल कटाई हो ताकि नरवाई जलाना न पड़े, साथ ही भूसा भी प्राप्त हो। किसानों से स्वेच्छा से भूसा दान के लिए बात करें। इस भूसे का रिकॉर्ड रखकर शासकीय गौ-शालाओं में दान करें।
“संकल्प अभियान के तहत चिन्हित हितग्राहियों को करें लाभांवित”
संभागायुक्त श्री कियावत ने निर्देश दिए कि संकल्प अभियान के तहत घर-घर जाकर चिन्हित किए पात्र गए हितग्राहियों को यथाशीघ्र शासन की योजनाओं से लाभांवित करें।
“ग्राम पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का करें नियमित आयोजन”
ग्रामों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और निखारने के लिए नियमित रूप से खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करें। सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान को विकसित करें, जहाँ खेल मैदान अथवा स्टेडियम हैं उनकी मरम्मत एवं रिनोवेशन का कार्य कराएं। संभाग में विगत दिनों आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के जैसे ही खो-खो, वालीबॉल जैसी अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराएं।
वीसी के माध्यम से सभी जिलों के एडीएम, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

