मास्क पहनकर लिये सात फेरे, बारातियों को दिये सैनीटाईजर

लॉकडाउन में अनुमति लेकर नियमों के पालन के साथ हुआ विवाह

कटनी  देशभर में कोरोना वायरस की महामारी के संक्रमण से बचाव के लिये लागू लॉकडाउन अवधि में जब मैरिज गार्डेन, धार्मिक स्थल बंद पड़े हों, तो एैसी परिस्थितियों में विवाह जैसे कार्यक्रमों का आयोजन बड़ी चुनौतियों का सामना करने से कम नहीं होता। लेकिन लॉकडाउन और संक्रमण से बचाव की सभी सावधानियां, नियमों का पालन करते हुये कटनी जिले के ढीमरखेड़ा के अनूप दुबे और प्रतीक्षा त्रिपाठी ने दाम्पत्य बंधन के इस कार्य को पूर्ण कर समाज के लिये उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर-वधु ने मास्क पहनकर सात फेरे लिये और बारातियों का स्वागत सैनीटाईजर भेंटकर किया गया।

            ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम इटौली निवासी अनूप दुबे और ढीमरखेड़ा में स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर पदस्थ प्रतीक्षा त्रिपाठी का विवाह 26 अप्रैल अक्षय तृतीया के दिन होना निश्चित हुआ था। कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में लॉकडाउन के दौरान बाजार, मैरिज गार्डेन, बारातघर, धार्मिक स्थल सभी जगह भीड़-भाड़ की मनाही के साथ सख्त रुप में प्रतिबंधित थे। एैसे में विवाह कार्यक्रमों का आयोजन करना दुष्कर और चुनौतीपूर्ण कार्य था। लॉकडाउन के अंतिम समय पर राज्य शासन और एमएचए की गाईडलाईन में सीमित संख्या में 20 व्यक्त्यिों की सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ विवाह आयोजन के प्रावधान की अनुमति होते ही वर-वधु ने एसडीएम ढीमरखेड़ा के यहां विवाह की अनुमति का आवेदन लगा दिया।

            अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से अनुमति प्राप्त होते ही रीति रिवाज और प्रशासनिक आदेशों का पालन करते हुये 7 मई को वर-कन्या का विवाह सम्पन्न हो गया। लड़की पक्ष के माता-पिता नहीं होने से सारी जिम्मेदारियों का निर्वहन वर पक्ष के लोगों ने ही कन्या के निवास जनपद कॉलोनी ढीमरखेड़ा से किया। विवाह कार्यक्रम में सोशल डिस्टेन्सिंग और संक्रमण से बचाव की सभी सावधानियों का गंभीरता से पालन किया गया। वर-वधु ने पूरे विवाह कार्यक्रम में मास्क लगाकर विधि विधान से वैवाहिक प्रक्रियायें पूरी कीं। वहीं बाराती और घरातियों ने मास्क लगाने, हाथ धोने एवं सैनीटाईज्ड रहने के नियमों का पालन किया । बारात की विदाई में सभी बारातियों को हैण्ड सैनीटाईजर भी भेंट किये गये।

            दाम्पत्य सूत्र में बंधे अनूप दुबे और प्रतीक्षा त्रिपाठी बताते हैं कि अक्षय तृतीया की लग्न बीत जाने के बाद इन गर्मियों में विवाह की संभावनायें क्षीण हो गई थीं। लेकिन लॉकडाउन अवधि में शासन, प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति और संक्रमण बचाव की सभी सावधानियां अपनाते हुये हमारा विवाह सानन्द, सकुशल सम्पन्न हो सका है। इस विवाह में अनावश्यक फिजूल खर्ची भी नहीं हुई और विधि विधान से विवाह भी सम्पन्न हो गया है।

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