लॉकडाउन-4 में और भी सजगता और सतर्कता से कार्य करें

कलेक्टर और एसपी ने ली मैदानी अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग

कटनी  कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये लागू लॉकडाउन-4 अवधि में अपने कटनी जिले को ग्रीन जोन में बनाये रखने और भी सजगता व सतर्कता से काम करने की जरुरत है। पिछले दो महीनों में पूरी जिले की टीम ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में बहुत अच्छा काम किया है। जिसके फलस्वरुप कटनी जिला संक्रमण मुक्त जिला बना हुआ है। कलेक्टर श्री सिंह ने गुरुवार को जिले के मैदानी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से लॉकडाउन-4 सहित समसामयिक गतिविधियों, गेहूं उपार्जन, पेयजल की स्थिति, पशु उपचार सेवाओं, प्रवासी मजदूरों के आवागमन एवं रोेजगार की व्यवस्था, आंगनबाडि़यों में पोषण आहार एवं कानून और व्यवस्था की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेन्स कक्ष में पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार, अपर कलेक्टर साकेत मालवीय, एसडीएम बलबीर रमन, सीएसपी शशिकांत शुक्ला, तहसीलदार मुनौव्वर खान, संदीप श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास नयन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव, सहायक पंजीयक अरुण मसराम भी उपस्थित थे।

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये लागू लॉकडाउन-4 में अत्यावश्यक सेवाओं के अलावा विभिन्न गतिविधियों के लिये छूट प्रदान की गई है। लॉकडाउन-4 में 31 मई 2020 तक भारत सरकार गृह मंत्रालय और राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करायें। उन्होने कहा कि लॉकडाउन-4 में अपने-अपने घरों को वापस हुये प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच और होम कोरेन्टाईन या संस्थागत कोरेन्टाईन की सतर्कता पूर्वक निगरानी करें। इसी प्रकार कटनी जिले की सीमा से लगने वाले जिलों में कोरोना पॉजीटिव केसों की संख्या को देखते हुये चैकपोस्ट और नाकों पर विशेष सतर्कता की जरुरत है। कटनी जिले में आने वाले श्रमिकों, व्यक्तियों तथा कटनी होकर निकलने वाले व्यक्तियों की संख्या का अभिलेखीकरण भी करें। अपने जिले में आने वाले श्रमिकों के भोजन, पानी, स्वास्थ्य जांचअ ौर रोजगार के सभी उचित प्रबंध करें। लॉकडाउन-4 की अवधि में धर्मिक आयोजन, पूजा स्थलों और त्यौहारों के सामूहिक आयोजन के प्रतिबंध को जारी रखा गया है। आने वाले त्यौहारों में इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन करायें।

            पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने कहा कि कटनी जिले को ग्रीन जोन के संक्रमण मुक्त बनाये रखने में जिले की टीम के प्रयास सफल रहे हैं। इसी तरह आगे भी सतर्क रहकर अपने कर्तव्यों के प्रति मुस्तैद रहें। सभी एसडीओपी और एसडीएम क्षेत्र का सूचना तंत्र मजबूत बनायें तथा वॉट्सएप ग्रुप में सूचनाओं का आदान-प्रदान करें। गांवों में कोरोना संक्रमण नहीं फैले, इसके लिये सुरक्षा और बचाव के निर्देशों का पालन करायें।

            एसपी ललित शाक्यवार ने कहा कि अन्य प्रान्तों एवं हॉटस्पॉट क्षेत्रों से लगातार प्रवासी मजदूरों का आवागमन हो रहा है। जिले की हर चैकपोस्ट और हर प्रवेश रास्तों पर कड़ी निगरानी रखें। गांवों में प्रवासी मजदूरों के कोरेन्टाईन और स्वास्थ्य जांच की निगरानी के लिये ग्राम सुरक्षा समितियों का भी सहयोग लें।

गेहूं खरीदी केन्द्रों का भ्रमण कर भौतिक सत्यापन करें – कलेक्टर

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने गेहूं उपार्जन से जुड़े अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को गेहूं खरीदी के अंतिम दिनों में सतत् भ्रमण कर खरीदी केन्द्रों में खरीदे गये गेहूं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि अब तक एक लाख 85 हजार एमटी गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। यह मात्रा पिछले वर्ष की एक लाख 55 हजार एमटी  की खरीदी और इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य 1 लाख 80 हजार एमटी से कहीं अधिक हो चुकी है। अभी गेहूं खरीदी के अंतिम दिनों में जिन सोसायटी में बड़ी मात्रा में गेहूं आ रहा है, उन केन्द्रों की सतत् निगरानी करें और संतुष्टि प्राप्त करें कि यह गेहूं किसान का ही है, तभी खरीदी करें। सौदा पत्रक से खरीदा व्यापारियों का गेहूं और अन्य गेहूं रिसायकल नहीं हो, इस बात की निगरानी रखें। गेहूं खरीदी के अंतिम दिनों में खरीदी का प्रतिदिन भौतिक सत्यापन करें और पुर्न विक्रय के मामले पाये जाने पर कठोर कार्यवाही करें। खरीदी केन्द्रों से औसत 78 प्रतिशत खरीदे गये गेहूं का परिवहन हुआ है। गति बढ़ाकर 90 प्रतिशत से अधिक पर लायें।

पशु संजीवनी का करें प्रचार-प्रसार

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के पशुओं की आकस्मिक चिकित्सा और घायल पशुओं की चिकित्सा के लिये पशुपालन विभाग द्वारा पशु संजीवनी उपचार सेवा संचालित की जा रही है। सेवा के तहत टोल फ्री नंबर 1962 में सूचना देने पर पशु चिकित्सा उपचार दल द्वारा मौके पर पहुंचकर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाती है। कलेक्टर श्री सिंह ने पशु संजीवनी सेवा के टोल फ्री नंबर का प्रचार-प्रसार ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक कराने के निर्देश दिये हैं।

पेयजल की स्थिति के लिये कन्ट्रोल रुम बनायें

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की ग्रीष्मकाल में सुचारु उपलब्धता एवं शिकायतों के निराकरण के लिये जिला, जनपद और नगरीय निकाय स्तर पर कन्ट्रोल रुम बनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के हैण्डपम्प और नलजल योजनाओं को दुरुस्त रखते हुये सतत् क्रियाशील बनाये रखें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण विकास और विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी नलजल योजनाओं के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित बनाये रखें। कलेक्टर ने बरसात के समय नदी-नालों के जलभराव और जलवृष्टि से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिये अभी से बचाव की सामग्री और कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिये हैं।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें