भाजपा में सांसद के उम्मीदवारो की भाग दौड़ हुई शुरू, क्या टिकट वितरण में मोदी है तो मुमकिन है का फार्मूला चलेगा!

(कटनी) मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली सफलता के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। पार्टी के जागरूक कार्यकर्ता अब नई मंजिल की तलाश की तैयारी में जुट गए हैं। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी के लिए खजुराहो से लेकर कटनी तक जागरूक लोकप्रिय जनाधार वाले भाजपा नेताओं ने गुप्त रूप से अपने संपर्क उच्च हाई कमान में बैठे नेताओं से करना एवं बायोडाटा लेकर दिल्ली जाने की तैयारी में जुट गए हैं। कटनी से लेकर खजुराहो तक के पार्टी कार्यकर्ताओं नवनिर्वाचित विधायक , पूर्व जनप्रतिनिधियो का कहना है की संसदीय क्षेत्र का स्थानीय व्यक्ति लोकसभा का नेतृत्व करने वाला उम्मीदवार बने। पार्टी के राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा चल रही है कि वर्तमान सांसद बी.डी. शर्मा का संपूर्ण लोकसभा संसदीय क्षेत्र में जनहितकारी नवनिर्माणों जन कल्याणकारी योजनाओ का लाभ एवम योगदान संसदीय क्षेत्र के नागरिकों , विधानसभा के किसी जनप्रतिनिधियों को नहीं मिला , जबकि देखा जाए तो प्रदेश अध्यक्ष के पद पर है। पार्टी जनों का कहना है कि वह संसदीय क्षेत्र में संसद के रूप नहीं बल्कि प्रदेशअध्यक्ष के रौबदार पद की गरिमा के अनुरूप क्षेत्र के दौरे में अनेकों बार आते जाते हैं। पार्टी कार्यकर्ता भी उन्हें प्रदेशअध्यक्ष होने के कारण सम्मान देने की मजबूरी होना बताते है। स्थानीय पार्टी के कार्यकर्ताओं में सांसद की कार्यशैली को लेकर नाराजगी, है कि वे अपने क्षेत्र के नागरिकों की अति आवश्यक जनहितकारी शिक्षा ,nस्वास्थ्य, सुगम रेल यातायात, रोजगार के साधन जैसी सुविधाओ जैसी मांगों को सांसद के माध्यम से पांच वर्ष में भी नही दिला सके। सांसद शर्मा संसदीय क्षेत्र के विकास में ना ही कभी गंभीर हुए ना ही उन्होंने कभी दिलचस्पी दिखाई। मात्र स्वागत सत्कार कराने लावलश्कर के साथ संसदीय क्षेत्र में आते जाते रहे ।

क्षेत्रीय नागरिकों , सामाजिक संस्थाओं शिक्षित , बेरोजगारों , व्यापारियों द्वारा समय-समय केंद्र सरकार से जुड़ी जनहितकारी, कल्याणकारी नव संस्थानो के नवनिर्माणो योजनाओ की मांगों को लेकर सड़कों में अनेकों बार प्रदर्शन करते रहे ज्ञापन आदि सौंप गए लेकिन बी.डी. शर्मा मांगों की अनदेखी करते रहे। वे पार्टी के कुछ चाटुकारों नेताओं , मीडिया कर्मियों से विकास का वादा किए जाने का झूठा प्रचार प्रसार करवा कर वाहवाही लूटते रहे जबकि वास्तविकता यह है कि वे मांग करने वाले नागरिकों एवं मीडिया, से दूरियां बनाये रहे। वही मांग करने वाले प्रदर्शन कारियो को स्थानीय जनप्रतिनिधि यह कहकर समझाते रहे कि यह मांगे समस्याएं हमारे स्तर की नहीं केंद्र सरकार सांसद के स्तर की समस्या है कहकर समस्या का हल करवाए जाने का आश्वासन देते रहे। सांसद अपने कार्यकाल के दौरान विकास के नाम पर क्षेत्र की जनता जनप्रतिनिधियों के सामने शून्य नजर आ रहे है, जिसको लेकर सांसद शर्मा के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। सांसद बीडी शर्मा के प्रति क्षेत्रीय पार्टी एवं नागरिकों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना है कि सबका साथ सबका विकास के शिरोमणि नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह जेपी नड्डा किस तरह का निर्णय कटनी खजुराहो लोकसभा के लिए प्रत्याशी का चयन करेंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल पार्टी सूत्रों एवं राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि सांसद शर्मा का संसदीय सीट से अब दाना पानी समाप्त हो चुका है इन सब परिस्थितियों में शिवराज चौहान के मुख्य सिपहसलार माने जाने वाले सांसद शर्मा को पुनः रिपीट किया जाता है या किसी अन्य संसदीय क्षेत्र में भेजा जाएगा, जिसे लेकर पार्टी में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।

वही भाजपा के उत्साहित कार्यकर्ताओं में यह चर्चा चल पड़ी है कि जिस तरह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को मोदी ने बनाया है इस तरह कटनी जिले की संसदीय सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाया जा सकता है। मोदी है तो मुमकिन है सबका साथ सबका विकास पार्टी सूत्रों की माने तो कटनी जिले से सांसद प्रत्याशी के लिऐ पूर्व विधायक अलका जैन, पूर्व विधायक सुकीर्ति जैन, पूर्व विधायक गिरिराज किशोर राजू पोद्दार, पूर्व निगम अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रहरि, राम रतन पायल, एवं वर्तमान जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव ,जैसे पार्टी में मेहनत कश नये पुराने बड़े चेहरे माने जाते है इन्हे लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दे इसमें कोई आश्चर्य नहीं। वही यह भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि विधानसभा के फार्मूले के तौर पर वर्तमान दबंग विधायक संजय पाठक या संदीप जयसवाल को पार्टी लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दे इसमें कोई आश्चर्य नहीं । मोदी है तो मुमकिन है। फर्श से अर्श पर ले जाना नरेंद्र मोदी अमित शाह की राजनीति में शुमार है ऐसी चाणक्य नीति अपनाये जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी तरह पन्ना खजुराहो क्षेत्र से लगभग पांच उम्मीदवारों को लेकर संसदीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है। अब देखना है कि कटनी खजुराहो लोकसभा संसदीय क्षेत्र का प्रत्याशी घोषित किया जाएगा, या फिर भाजपा पैराशूट से किसी को उतारती है या फिर बी. डी.शर्मा को चुनावी मैदान में उतारती है। यह सब देखने सुनने के लिए आने वाले समय का इंतजार करना होगा। फिर हाल मध्य प्रदेश की नवगठित मोहन सरकार की कार्यशैली प्रत्याशी के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

प्रमोद खंपरिया
RPKP INDIA NEWS
कटनी

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