ग्रामीण अंचलों में स्व सहायता समूह उपलब्ध कराएंगे सैनिटरी नैपकिन

( टीकमगढ़ )

एमओयू पर हस्ताक्षर

 लॉक डाउन के चलते कई आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर प्रभाव पड़ा है, सैनिटरी नैपकिन भी उनमें से एक है। महिला बाल विकास विभाग ने इसकी त्वरित उपलब्धता कराने के लिए तेजस्विनी स्व सहायता समूह के साथ अनुबंध किया है। इसमें शीघ्र ही राज्य आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह को भी शामिल किया जाएगा। महिला बाल विकास तथा महिला वित्त एवं विकास निगम के मध्य आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित उदिता केंद्रों में सेनेटरी नैपकिन प्रदाय करने के लिए किए गए अनुबंध की वैधता 15 अगस्त 2020 से 31 जुलाई 2021 तक होगी। छह जिलों में से प्रथम चरण 15 अगस्त से डिंडोरी जिले में प्रारंभ किया जाएगा। दूसरा चरण 1 सितंबर 2020 से शेष 5 जिलों मंडला, बालाघाट, पन्ना, टीकमगढ़ एवं छतरपुर में शुरू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों और महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता आसानी से नहीं हो पाती थी और यदि उपलब्ध होते थे तो संकोच वश वह उनको खरीदने दुकानों तक नहीं जा पाती थी। महिला बाल विकास विभाग ने सभी 97 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर उदिता कॉर्नर तैयार कराते हुए सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता कराई थी। हाल ही में आकाशवाणी के सजीव फोन इन कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सेनेटरी नैपकिन की कमी से अवगत कराया था। विभाग ने शीघ्रता से इस विषय पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय स्तर पर स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सेनेटरी नैपकिन आंगनवाड़ी केंद्रों पर सप्लाई किए जाने के लिए कार्य-योजना तैयार कर अनुबंध किया है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें