सेक्टर अधिकारी और सेक्टर पुलिस अधिकारी की बैठक संपन्न मतदाता के स्वाभिमान को जगायें, कि वे प्रलोभन में न आयें – श्री सक्सेना

सेक्टर ऑफिसर चुनाव प्रक्रिया में आरओ और मतदान दलों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है – श्री सक्सेना

(जबलपुर)  लोक सभा चुनाव के निर्विघ्न और सुचारू संचालन के लिये नियुक्त सेक्टर अधिकारियों एवं सेक्टर पुलिस अधिकारियों की आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में चार सत्रों में बैठकें आयोजित की गई। बैठक के प्रत्येक सत्र में दो-दो विधानसभा क्षेत्रों के सेक्टर अधिकारी एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी शामिल हुये। सेक्टर अधिकारी एवं सेक्टर पुलिस अधिकारियों की ये बैठकें जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना और पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य प्रताप सिंह ने ली।   बैठक में बताया गया कि सेक्टर अधिकारी एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने सेक्टर के सभी मतदान केन्द्रों के लिये निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक के लिये जिम्मेदार होते हैं। सेक्टर अधिकारियों को यथा समय उसी क्षेत्र के लिये विशेष कार्यपालक शक्तियां भी दी जाती हैं। कलेक्टर श्री सक्सेना ने कहा कि  सेक्टर ऑफिसर चुनाव प्रक्रिया में रिटर्निंग अधिकारी और मतदान दलों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र के क्रिटिकल व वल्नरेबिलिटी मैंपिंग, मतदाता जागरूकता, चुनाव प्रबंधन व ईव्हीएम की कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था, मतदान प्रक्रिया, आदर्श आचरण संहिता व आयोग के दिशा निर्देशों की सही जानकारी रखें।  उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिये कि वे अग्रिम रूट चार्ट, मतदान केन्द्र की बुनियादी सुविधायें जैसे विद्युत, फर्नीचर, छाया, पानी, रैंप, टॉयलेट, मतदान केन्द्र पर पहुंचने के रास्ते, मतदान केन्द्र की वास्तविक दूरी, मतदान केन्द्रों पर पहुंचने का समय आदि की तैयारी व जानकारी रखें। साथ ही कहा कि सेक्टर अधिकारी प्रत्येक मतदाता को स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भिक होकर मतदान कराने के लिये आवश्यक वातावरण का निर्माण करें ताकि कोई भी मतदान को प्रभावित न कर सके। मतदान को प्रभावित करने वाले, रोकने वाले, प्रलोभन देने व डराने,धमकाने वालों की पहचान सुनिश्चित करें। क्रिटिकल वल्नरेबल क्षेत्र की पहचान कर वहां निगरानी करें।

श्री सक्सेना ने कहा कि मतदाता का बतायें कि ऑफर देने वालों के नाम वे सेक्टर मजिस्ट्रेट को दें, उनके नाम गोपनीय रखे जायेंगे। पिछले चुनाव के मतदान प्रतिशत के ऑकलन पर क्षेत्र का पहचान करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष व पारदर्शी मतदान के लिये लोगों को जागरूक करें उनके स्वाभिमान को जगायें कि वे प्रलोभन में न आयें। श्री सक्सेना ने कहा कि चुनाव के 72 घंटे पूर्व सेक्टर मजिस्ट्रेट की बहुत भूमिका होती है, सेक्टर ऑफिसर को मतदान दल को मार्गदर्शन करने की दक्षता हो, पीठासीन अधिकारी के कार्यों का ज्ञान हो, पीठासीन की डायरी, मतदान सामग्री, सीलिंग, दस्तावेज की तैयारी आदि निर्वाचन संबंधी सभी कार्य आना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इस बात को ध्यान रखना है कि मतदान केन्द्र के अंदर कोई भी मोबाईल फोन न ले जाये। उन्होंने कहा कि कुछ मतदान केन्द्रों में वेबकास्टिंग की जायेगी। अत: पोलिंग बूथ और वेबकास्टिंग कैमरा के लिये सोच समझकर उचित जगह का चयन किया जाये। बैठक के दौरान आठों विधानसभाओं के सेक्टर अधिकारी अपने-अपने सत्र में मौजूद थे।  क्रमांक/1140/मार्च-272

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