प्रवासी मजदूरों के स्थानीय रोजगार का सशक्त माध्यम बनी मनरेगा

जिले में वापस लौटे 15 हजार 51 मजदूरों को मिला काम

कटनी  कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिये लॉकडाउन की अवधि में कटनी जिले में वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को स्थानीय रोजगार मुहैया कराने में मनरेगा के कामों का बड़ा सहारा मिला है। कटनी जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक अन्य राज्यों एवं जिलों से 33 हजार 229 मजदूरों के वापस लौटने की सूचना है। जिसमें 15051 प्रवासी श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग किये जाने पर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा के तहत जिले में अब तक 18 करोड़ 66 लाख से अधिक की मजदूरी का भुगतान श्रमिकों को किया जा चुका है।

            मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे ने बताया कि जिले की 407 ग्राम पंचायतों में से 404 ग्राम पंचायतों में वर्तमान की स्थिति में 6 हजार 331 कार्य मनरेगा के चल रहे हैं। जिनमें सभी कार्य तालाब गहरीकरण, तालाब निर्माण, खेत तालाब, मेड़ बंधान जैसे मिट्टी के कच्चे और जल संचय के निर्माण कार्य शामिल हैं। जिले में लौटे प्रवासी मजदूरों को उनकी डिमाण्ड पर ग्राम पंचायतों द्वारा रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। जिलास्तर पर श्रमसिद्धि योजना का हेल्पलाईन नंबर भी दिया गया है। जिस पर संपर्क कर कोई भी श्रमिक फोन लगाओ-रोजगार पाओं के आधार पर जॉबकार्ड या रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। उन्होने बताया कि कटनी जिले में योजना प्रारंभ से अब तक किसी भी वित्तीय वर्ष में मानव श्रमिक की संख्या कभी इतनी अधिक अर्जित नहीं की जा सकी है। वर्तमान में 76 हजार 144 मानव दिवस का रोजगार दिया जा रहा है। जो अपने आप में रिकॉर्ड है। सीईओ जिला पंचायत बताते हैं कि प्रवासी और स्थानीय स्तर पर मजदूरों को काम मिलने में कठिनाई नहीं हो, इसके लिये जिले में एक लाख मानव दिवस श्रम अर्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

            राज्य शासन की श्रमसिद्धि योजना के तहत बाहर से आये मजदूरों के बंद हो चुके जॉबकार्ड को रिन्यू किया जा रहा है। वहीं जिनके जॉबकार्ड नहीं बने हैं, उन्हें नवीन जॉबकार्ड भी दिये जा रहे हैं। एैसे प्रवासी श्रमिक जिनके जॉबकार्ड पूर्व से उपलब्ध थे, उनकी संख्या 6 हजार 923 रही है। बाहर से आये 19 हजार 773 श्रमिकों के जॉबकार्ड सक्रिय किये गये हैं अथवा नये बनाकर दिये गये हैं। अब तक 15 हजार 51 श्रमिकों को रोजगार से संलग्न किया गया है। जिले में मनरेगा के तहत कुल 18 करोड़ 66 लाख 76 हजार रुपये की मजदूरी का भुगतान श्रमिकों को किया जा चुका है। सीईओ जिला पंचायत श्री गोमे ने बताया कि मनरेगा के तहत कुल सक्रिय जॉबकार्ड एक लाख 22 हजार 420 हैं। जबकि सक्रिय श्रमिकों की संख्या 2 लाख 26 हजार के लगभग है। जिले में इस वित्तीय वर्ष में 407 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 17 हजार 489 निर्माण कार्य प्रचलन में हैं।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें