मरीजों का ईलाज करने से मना करने पर निजी अस्पतालों के खिलाफ होगी कार्यवाही, कलेक्टर ने दी चेतावनी –

( जबलपुर )

रीवा से आये मरीज को ईलाज के लिये भर्ती नहीं किये जाने के मामले में गंभीरता से लेते हुये कलेक्टर श्री भरत यादव ने शहर के सभी निजी अस्पतालों में भविष्य में इस तरह की शिकायतें मिलने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी है।
श्री यादव ने कहा कि कोई भी निजी अस्पताल उनके यहां आने वाले मरीज को उपचार देने से मना करता है अथवा परेशान करता है तो उसके विरूद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। श्री यादव ने कहा कि निजी अस्पतालों के लिये प्रोटोकॉलें तय है कि वे किसी भी मरीज को ईलाज के लिये मना नहीं कर सकते।
श्री यादव ने कहा कि निजी अस्पतालों की बैठक लेकर उन्हे इस प्रोटोकॉल के बारे में बताया भी जा चुका है। कोई भी अस्पताल कोरोना संदिग्ध मानकर किसी मरीज को ईलाज देने से मना नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज में कोरोना के लक्षण दिखाई भी देते हैं तो निजी अस्पताल द्वारा उनकी सूचना जिला अस्पताल के कंट्रोल रूम को अथवा सी एम एच ओ कार्यालय को देनी होगी। उस मरीज का सेम्पल लिया जायेगा। यदि मरीज कोरोना पॉजिटिव भी आता है तो उसे या तो उसी अस्पताल में भर्ती रखकर ईलाज किया जा सकता है अथवा विक्टोरिया या मेडीकल भेजा जा सकता है।
श्री यादव ने बताया कि सभी निजी अस्पतालों को फीवर क्लीनिक भी प्रारंभ करना है और कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिये 50 बिस्तर होने पर 5 और 100 से अधिक बिस्तर होने पर 10 बिस्तर आइसोलेशन वार्ड में आरक्षित रखना होगा। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल कोरोना मरीजों का अपने यहां भारत सरकार और राज्य शासन द्वारा आयुष्मान योजना के घोषित पैकेज के मुताबिक उपचार भी दे सकते है। जबलपुर जिले में इस योजना के तहत लगभग 75 प्रतिशत व्यक्ति पात्र है।

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