प्राकृतिक जडी बुटियों और वन संपदा के मेडीशनल उपयोग जानकारों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित होगी
संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजन को लेकर बैठक हुई
(इन्दौर) जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु पारंपरिक तरीके व जड़ी बूटियों के उपयोग से इलाज करने के तौर तरीकों के संबंध में कॉन्सेप्ट नोट तैयार किया जाएगा। इसके लिए जनजातीय क्षेत्रों में उपचार की विधि और उसमें वनोपज के महत्व और उपयोग संबंधित जानकारी और ज्ञान को साझा करने के लिए कार्यशाला का आयोजन होगा। संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की अध्यक्षता में इसके संबंध में बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी श्री पी.सी. दुबे ने उक्त कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य और पूरी परिकल्पना पर विस्तृत से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे जनजातीय क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों जिन्हें जडी बुटियों का मेडिशनल ज्ञान है। उनसे आपसी संवाद करते हुए कन्सेप्ट नोट तैयार किया जाएगा, जिसमें जनजातीय समाज में जड़ी बूटियों के उपयोग से बीमारियों के उपचार हेतु उनके उपयोग की जानकारी संग्रहित की जाएगी। संभागायुक्त श्री सिंह ने इस कार्यशाला में आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सकों, वन विभाग के अधिकारी को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिले से नोडल अधिकारी बनाए जाने के निर्देश भी दिए।
