केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने तत्कालीन सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डाली मुरैना, श्योपुर व ग्वालियर की पेयजल आपूर्ति योजनाओं की मंजूरी के लिये मुख्यमंत्री के संग की समीक्षा
( श्योपुर )
मुख्यमंत्री ने समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिये
केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से विस्तृत संवाद के बाद मुरैना, श्योपुर व ग्वालियर महानगर निगम क्षेत्र की जनता की प्यास बुझाने के लिये दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति योजना तैयार करवाकर राज्य सरकार को भिजवायी थी, लेकिन दुर्भाग्य से राज्य में कांग्रेस सरकार ने सत्तारूढ़ होते ही उक्त जनहितैषी योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, लेकिन अब इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में मुरैना से सांसद तथा केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने नये सिरे से सक्रिय प्रयास शुरू कर दिये है।
केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने भोपाल प्रवास के दौरान मुरैना, श्योपुर व ग्वालियर की पेयजल आपूर्ति योजनाओं, सैनिक स्कूल, श्योपुर मूंजरी सिंचाई परियोजना, विजयपुर चेंटीखेड़ा सिंचाई बाँध परियोजना आदि विषयों पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित संबधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने उपरोक्त परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त करते हुए समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। इसके पहले केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने प्रदेश के मुखिया श्री शिवराज सिंह को अ.शा. पत्र भेजकर ग्वालियर महानगर की पेयजल आपूर्ति योजना के संबंध में आवश्यक शासकीय औपचारिकतायें पूरी कर शीघ्र भारत सरकार को भेजने का आग्रह किया है।
केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने संप्रेषित अर्द्धशासकीय पत्र में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया है कि ग्वालियर महानगर की अनुमानित आबादी 15 लाख है। वर्तमान में ग्वालियर महानगर क्षेत्र को 200 एमएलडी जल शोधन कर निगम क्षेत्र में प्रदाय किया जा रहा है, लेकिन आवश्यकता 215 एमएलडी की है। आगामी 10 वर्षों में यह जनसंख्या बढ़कर 26.5 लाख होना संभावित है। आज भी ग्रीष्म ऋतु में नागरिकों को एक समय ही पेयजल उपलब्ध हो पाता है और हर वर्ष पेयजल के लिये त्राहि-त्राहि रहती है।
उन्होंने कहा है कि उपरोक्त कारणों से आपको वर्ष 2018 में अवगत कराये जाने पर आपसे हुयी चर्चा के उपरांत पेयजल के लिए दीर्घकालीन एवं स्थाई समाधान के लिए चंबल नदी से तिघरा डैम तक पानी लाने की योजना बनाई गई थी। परियोजना की डीपीआर राष्ट्रीय राजधानी परियोजना बोर्ड में प्रस्तुत योजना को 25 जुलाई 2018 को 398.45 करोड़ की विस्तृत परियोजना का 75 प्रतिशत, 298 करोड़ के रूप में उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई थी.
केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार द्वारा ग्वालियर की उक्त ज्वलंत समस्या की अनदेखी की गई तथा उक्त परियोजना को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, यदि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने इस परियोजना पर जनहित को प्राथमिकता के साथ कार्यवाही की होती तो आज योजना पर काफी काम हो चुका होता और ग्वालियर के नागरिकों के मन में संतोष का भाव उत्पन्न होता, लेकिन ऐसा ना हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है तथा ग्वालियर की जनता के साथ घोर अन्याय हुआ है.
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने उपरोक्त महत्वपूर्ण परियोजना को क्रियान्वित किए जाने के उद्देश्य से ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु राष्ट्रीय राजधानी परियोजना बोर्ड द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव का प्रशासकीय अनुमोदन करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि चंबल नदी का क्षेत्र घड़ियाल सेंचुरी के अंतर्गत आता है, इसलिए राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में उपरोक्त विषय की अनुशंसा कर राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड, नई दिल्ली को भिजवायेंगे तो भारत सरकार से अनापत्ति जारी करवाने की कार्यवाही सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जा सकेगी, जिसके फलार्थ इस कार्य को मूर्त रूप दिया जा दिया जा सकेगा। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से आशा व्यक्त की है कि उपरोक्त विषय को प्राथमिकता देकर ग्वालियर की जनता के अनुरोध को स्वीकार कर अनुग्रहित करने का कष्ट करेंगे।
