स्व सहायता समूहों हेतु बैंकिंग प्रक्रिया सरलतम हो – मुख्यमंत्री

(अनुपपुर )

जिले की हेमलता सिंह ने मुख्यमंत्री से किया सीधा संवाद, समूहों के ऋण प्रकरणों की ऑनलाइन प्रस्तुति से काम हुआ आसान, एक दिन में ही 3 लाख रु का ऋण बैंक ने वितरित किया

     स्व सहायता समूहों के आजीविका संवर्धन हेतु वित्तीय समावेशन में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राष्ट्रीय सूचना केंद्र के माध्यम से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा बैंकर्स एवं स्व सहायता समूहों से सीधा संवाद किया गया।
उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मिलिंद नागदेवे के नेतृत्व में कोतमा विकाखण्ड अंतर्गत ग्राम कनईटोला के गौरी स्व सहायता समूह की सदस्य हेमलता सिंह ने मुख्यमंत्री महोदय से सीधा संवाद करते हुए बताया कि उनके द्वारा अपने समूह का ऋण प्रकरण 10 जून 2020 को ऑनलाइन कराया गया था, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा बिजुरी द्वारा उक्त प्रकरण पर संवेदनशीलता पूर्वक कार्यवाही करते मात्र एक दिवस में ही प्रकरण स्वीकृत कर 3 लाख रु का वितरण भी कर दिया , जिससे समूह के सभी सदस्यों को समय से पैसा मिल गया। यह सब इस वर्ष प्रारम्भ की गई ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण ही संभव हो पाया, नहीं तो पहले एक प्रकरण कराने के लिए महीनों लग जाते थे और बार बार बैंक भी जाना पड़ता था।
विदित हो कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा स्व सहायता समूहों की आर्थिक उन्नति के लिए सतत प्रयास किये जा रहे हैं, समूहों के आर्थिक स्वावलंबन में बैंकों द्वारा जारी की जाने वाली नकद साख सीमा समूहों की आजीविका गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है, समय पर बैंकों द्वारा ऋण की उपलब्धता समूह सदस्यों की आजीविका गतिविधियों को संवहनीयता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आज की बैठक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के तत्वाधान में आयोजित की गई थी, स्व सहायता समूहों के वित्तीय समावेशन अंतर्गत बैंकों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रियाओं व प्रावधानों से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान करते हुए बैंकर्स से अपेक्षा की , कि स्व सहायता समूहों के ऋण प्रकरणों को स्वीकृत करने, समूहों के बचत खाते खोले जाने हेतु प्रक्रियाओं में एकरूपता एवं सरलता हो ताकि समूहों को असुविधा न हो, इसके साथ ही सभी बैंकों में ब्याज दर की समानता, स्टाम्प ड्यूटी आदि बिंदुओं पर समान प्रक्रियाओं को अपनाने हेतु बैंकर्स से अपेक्षा की गई ताकि ज्यादा से ज्यादा समूह सरलता से बैंकिंग प्रक्रिया के अंतर्गत वित्तीय समावेशन का लाभ उठाकर आर्थिक स्वावलंबन कर आत्मनिर्भर बन सकें।
जिला परियोजना प्रबंधक शशांक प्रताप सिंह ने बताया कि आज के सीधे संवाद कार्यक्रम में समूह सदस्य श्रीमती चांदनी पांडेय, रूपा पाव तथा आजीविका मिशन टीम के जिला इकाई एवं ब्लॉक इकाई के सदस्यों दशरथ झरिया,अंजू शुक्ला, दीपक मोदनवाल ,दुर्गेश दाहिया, सीमा पटेल , मो.तारिक, रजनीश सिंह, संध्या मिश्रा ने प्रतिभाग किया।
Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें