राजस्व अधिकारी प्रकरणों का निराकरण पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही से करें – कलेक्टर श्री यादव

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को अटेंड नहीं करने पर कटेगा वेतन कलेक्टर ने की राजस्व अधिकारियों की समीक्षा

(कटनी)  राजस्व विभाग जिला प्रशासन की कोर टीम होती है। इसलिए इस विभाग पर अपने कार्याे और दायित्वों के मापदंडों पर खरा उतरनें की जवाबदारी भी अन्य विभागों की तुलना मे अधिक होती है। इसलिए सभी राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का निराकरण पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। यह निर्देश  कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने राजस्व अधिकारियों के कार्याे की समीक्षा के दौरान दिए।  बैठक में अपर कलेक्टर साधना परस्ते, संयुक्त कलेक्टर द्वय संस्कृति लटौरिया व निधि सिह गोहल, डिप्टी कलेक्टर द्वय प्रमोद चतुर्वेदी एवं विवेक गुप्ता, एस.डीएम कटनी प्रदीप कुमार मिश्रा, विजयराघवगढ़ महेश मंडलोई, बहोरीबंद राकेश चौरसिया एवं ढीमरखेड़ा विंकी सिंहमारे उइके और सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद रहे।   कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि जनोन्मुखी सुशासन मुहैया कराना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने लंबित राजस्व मामलों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी लोक सेवा गारंटी अधिनियम और सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा करें। नियमित कोर्ट में बैठें।अपनें रीडर द्वारा किये जाने वाले कार्य पर भी नजर रखें। कलेक्टर ने कहा कि  आर.सी.एम.एस की रिपोर्ट में प्रगति लाने आप सभी थोडी सी सक्रियता दिखाकर आंकडों मे बड़ा सुधार ला सकते है। कलेक्टर ने कहा कि सी.एम हेल्पलाइन से संबंधित नॉन अटेंडेड शिकायतों पर संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटा जायेगा। जो क्रमशः जितने भी दिन तक अटेंड नहीं किया जायेगा, उतनें दिन के मान से उस अधिकारी का वेतन काटने की प्रक्रिया करने का दायित्व लोक सेवा प्रबंधक दिनेश विश्वकर्मा को दिया गया। विदित हो कि कलेक्टर श्री यादव ने अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक में भी इस मामले में सख्ती बरतते हुए जिला कोषालय अधिकारी अरविंद सिंह को पहले ही नॉन अटेंडेट मामलों पर वेतन कटौती के निर्देश दे चुके है।  कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों से दो टूक लहजे मे कहा कि किसी भी स्थिति में राजस्व मामलों के लंबित प्रकरणों के मामले मे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। तय समय-सीमा के भीतर सीमांकन, बंटवारा नामांतरण आदि अन्य प्रकरणों का निष्पादन किया जाना सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने ई-के.वाय.सी और पी.एम.किसान पोर्टल, प्रगति आधार ई- के.वाय.सी के प्रगति के वर्तमान आंकडों को संतोषजनक नहीं मानते हुए अप्रसन्नता व्यक्त की। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे ऐसी भूमि जो पूर्व में शासकीय भूमि रही है एवं कालांतर में शासकीय पट्टे पर आवंटित की गई है। ऐसे पट्टे की भूमि का विक्रय का अंतरण सक्षम अधिकारी  कलेक्टर के आदेश के बिना किये गए मामलों का चिन्हिकरण कर आवश्यक कार्यवाही करें।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *