प्रवासी मजदूरों को अधिकाधिक रुप से रोजगार में नियोजित करें – कलेक्टर
समय सीमा के प्रकरणों की बैठक सम्पन्न
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने लॉकडाउन अवधि में अन्य राज्यों से वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों को गरीब कल्याण रोजगार अभियान, रोजगार सेतु पोर्टल, श्रम सिद्धि अभियान एवं विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में उन्हें रोजगार से नियोजित करने के निर्देश दिये हैं। सोमवार को 16 मार्च के बाद पुनः प्रारंभ हुई समय सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन, समय सीमा प्रकरण, लोक सेवा गारंटी एवं सम सामयिक विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। इस मौके पर अपर कलेक्टर साकेत मालवीय, सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, आयुक्त नगर निगम आर0पी0 सिंह, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, महाप्रबंधक उद्योग अजय श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री हरिसिंह, आर0के0 खुराना, ईएस बघेल सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाईन में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुये कहा कि सभी कार्यालय प्रमुख अपने यहां सीएम हेल्पलाईन का सेल गठित कर तत्परता पूर्वक प्रकरणों का निराकरण करें। कोई भी प्रकरण नॉट-अटेण्ड नहीं रहना चाहिये। प्रकरणों का निस्तारण एल-1 स्तर पर ही करने का प्रयाास करें। वर्तमान में सीएम हेल्पलाईन में 4 हजार 455 प्रकरण कुल जिले में लंबित है। जिनमें एल-1 में 1353, एल-2 में 568, एल-3 में 628 और एल-4 में 1906 प्रकरण शामिल हैं। सर्वाधिक प्रकरण पंचायती राज 466 और राजस्व के 410 शामिल हैं। इसी प्रकार सीएम हेल्पलाईन में 500 दिवस, 300 दिवस और 100 दिवस से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिये गये। सीएम मॉनिट की 2, सीपीजीआर पोर्टल के 219 और समय सीमा के 67 प्रगतिरत प्रकरणों का निराकरण भी शीघ्र किया जाये।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान में 25 तरह के कार्य किये जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी इन कार्यों में प्रवासी मजदूरों को संलग्न कर 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध करायें। रोजगार सेतु पोर्टल पर दर्ज कुशल, अर्द्धकुशल, अकुशल श्रेणी के प्रवासी मजदूरों को अपने निर्माण कार्य में यथायोग्य संलग्न कर रोजगार दिलायें। योजना के पोर्टल में इन्द्राज संबंधी कोई कठिनाई है तो जिला प्रबंधक ई-गवर्नेन्स और सीईओ जिला पंचायत से संपर्क कर निराकरण करायें। सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि जिले में गरीब कल्याण रोजगार अभियान में जिले में 31 हजार निर्माण, विकास के कार्य लिये गये हैं। जो बरसात में भी चलेंगे। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत 24 हजार से अधिक नल कनेक्शन भी जिले में किये जाने हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने नगरीय क्षेत्रों में स्ट्रीट वेन्डर्स को आर्त्म निर्भर योजना में प्रदान किये जाने वाले पूंजी ऋण के लिये पंजीकृत व्यक्तियों की जानकारी ली। आयुक्त नगर निगम ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य 6500 के विरुद्ध नगर निगम में 12 हजार और जिले की सभी नगरीय निकायों में 14 हजार 367 वेन्डर्स प्रजीकृत किये गये हैं। कलेक्टर ने सभी वेन्डर्स का सत्यापन कार्य पूर्ण का 2 जुलाई को बैंकर्स की बैठक बुलाकर मैपिंग और लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति में किये गये आपदा प्रबंधों की जानकारी लेकर समीक्षा की। उन्होने कहा कि जल संसाधन विभाग बांध और नहरों में जलस्तर तथा बहाव पर सतत् निगरानी रखें। सड़कों के जलमग्न होने वाले पुल-पुलियों पर सभी आवश्यक प्रबंध चौबीसों घंटे बनाये रखें। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ने बताया कि जिले में चिन्हित 15 पुल-पुलियों में बैरियर, नाके, सूचना पटल और आवश्यक बचाव सामग्री सहित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कलेक्टर श्री सिंह ने वर्षा ऋतु में पेयजल स्त्रोतों की साफ-सफाई और क्लोरीनेशन का कार्य दुरुस्त रखने के निर्देश दिये हैं। ताकि जल जन्य दूषित पेयजल से होने वाली कोई बीमारी नहीं हो। उन्होने कार्यपालन यंत्री पीएचई को जलशोधन क्लोरिनेशन किट डिपो होल्डर या आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिये। उन्होने शिक्षा विभाग के 6 जुलाई से प्रारंभ हो रहे हमारा घर-हमारा विद्यालय अभियान और खरीफ फसलों की बोनी की स्थिति तथा खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा की।
अपर कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा कि 1 जुलाई से शुरु हो रहे किल कोरोना अभियान की जिलास्तरीय अधिकारी क्षेत्र में सतत् मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होने कहा कि शासकीय विभागों और कार्यालयों में बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने थर्मल स्कैनर और ऑक्सीमीटर विभागीय मद से क्रय कर उसका उपयोग करें।
सीएम हेल्पलाईन रिफ्रेशर प्रशिक्षण
समय सीमा की बैठक में विभाग प्रमुख अधिकारियों को सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के त्वरित निराकरण के संबंध में रिफ्रेशर प्रशिक्षण भी दिया गया। जिला प्रबंधक लोक सेवा प्रबंधन दिनेश विश्वकर्मा ने प्रशिक्षण में बताया कि सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों में विभागीय डैशबोर्ड पर 7 दिवस का समय मिलता है। अधिकतम 15 दिवस के भीतर प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण दर्ज होना चाहिये। अन्यथा की दशा में जिले की रैंक गिरती है। उन्होने लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों की निराकरण प्रक्रिया सहित सीएम हेल्पलाईन के संतुष्टिपूर्ण प्रकरणों के बंद करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

