किल कोरोना अभियान: बचाव संबंधी भी दी जायेगी जानकारी
टीएल बैठक में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने बांटे गये आयुष काढ़े के पैकेट
कटनी – कोरोना वायरस संक्रमण को पूरे प्रदेश से जड़मूल से नष्ट करने के उद्देश्य से किल कोरोना अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलाया जायेगा। इस दौरान कटनी जिले में अभियान के लिये गठित 225 सर्वेदलों द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति का हैल्थ सर्वेलांस सर्वे किया जायेगा। संक्रमण संभावित लक्षण या मलेरिया और डेंगू बुखार के लक्षणों वाले व्यक्तियों की जानकारी सार्थक एप में दर्ज कर इलाज संबधी आगामी कार्यवाही की जायेगी। सोमवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने समय सीमा की प्रकरणों की बैठक में किल कोरोना अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर गंभीरता के साथ अभियान का क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने सर्विलांस सर्वे के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने आयुर्वेदिक काढ़ा और विटामिन की टेबलेट भी नवाचार के रुप में लोगों को वितरित करने के निर्देश दिये हैं।
समय सीमा प्रकरणों की बैठक में जिला आयुष अधिकारी डॉ0 आर0के0 सिंह ने जिला अधिकारियों को राज्य शासन की जीवन अमृत योजना की जानकारी देते हुये बताया कि कोरोना बीमारी से बचने के लिये व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता महत्वपूर्ण होती है। इम्युनिटी बूस्टर के रुप में आयुष विभाग द्वारा त्रिकटु चूर्ण आयुष काढ़े के पैकेट वितरित किये जा रहे हैं। अब तक कटनी जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 7 लाख 55 हजार 512 व्यक्तियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि की आयुष दवा और काढ़े के पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि जिले में कलेक्टर शशिभूषण सिंह के निर्देशानुसार आयुष रोग प्रतिरोधक औषधियों का वितरण आर्सेनिकम, त्रिकटु चूर्ण आदि का वितरण जनवरी-फरवरी 2020 माह से ही शुरु कर दिया गया था। लॉकडाउन अवधि में कटनी जिले में लोगों को बड़ी मात्रा में रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि की औषधियां वितरित करने का परिणाम रहा कि कोरोना वायरस संक्रमण लंबे अरसे तक जिले में अपना प्रभाव नहीं दिखा सका। कोरोनो पॉजीटिव जो मरीज जिला अस्पताल कटनी में उपचारित रहे हैं उन्हें भी नियमित रुप से आयुष काढ़ा कषायम का सेवन कराया गया है। जिससे रिकवरी में सकारात्मक परिणाम मिले और सभी कोरोना के मरीज जिला अस्पताल कटनी से स्वस्थ्य होकर घरों को लौटे।
जिला आयुष अधिकारी डॉ0 सिंह ने बताया कि कलेक्टर शशिभूषण सिंह के निर्देशन में जिले में प्रारंभ किये गये नवाचार के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। किल कोरोना अभियान में इम्युनिटी बूस्टर का एक राउण्ड फिर से चलाया जायेगा। उन्होने बताया कि आयुर्वेदिक काढ़े में चिकटु चूर्ण का 50 ग्राम का पैकेट दिया जाता है। जिसमें से एक चम्मच चिकटु चूर्ण और तुलसी की तीन से पांच पत्तियां 6 कप पानी में डालकर उबालना है। जब काढ़ा उबलकर आधा रह जाये तो उसके छानकर दिन में 3 से 4 बार घूंट-घूंट कर पीना है।
जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिये अपने दैनिक जीवन में अन्य सामान्य उपाय भी किये जा सकते हैं। जिनमें साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकेण्ड तक धोना चाहिये। घर से बाहर निकलते समय शारीरिक दूरी बनाये रखें और मुंह-नाक पर मास्क और गमछे का उपयोग करें। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनिट योगासन, ध्यान, प्रणायाम करें। पूरे दिन गुनगुने पानी को पियंें। तुलसी की तीन से चार पत्तियां, दालचीनी, कालीमिर्च, सूखा अदरक एवं मुनक्का से बनी हर्बल टी, काढ़ा दिन में एक दो बार पियें। स्वाद के लिये गुड़ अथवा ताजा नींबू मिला सकते हैं। प्रतिदिन च्यवनप्राश 1 चम्मच सुबह के समय लें। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्यवनप्राश ले सकते हैं। गोल्डन मिल्क 1 कप गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण मिलाकर दिन में एक दो बार लें। भोजन बनाने में हल्दी, जीरा, धनिया, लहसुन एवं मसालों का उपयोग करें। नाक के नथुने में प्रतिदिन सुबह प्रतिमर्स्य नस्य के रुप में अणु तेल या तिल का तेल उंगली से लगा सकते हैं।

