स्वसहायता समूहों ने बनाये 3 लाख 39 हजार मास्क
कोरोना के खिलाफ जंग में दिया योगदान
कटनी – कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिये दुनियाभर के लोग अपने-अपने स्तर पर वैश्विक महामारी को दूर भगाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं कटनी जिले में कलेक्टर शशिभूषण सिंह के निर्देशन में आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूह लाखों की संख्या में मास्क तैयार कर महामारी के खिलाफ युद्ध में अपना योगदान कर रहे हैं। जिले के आजीविका मिशन के 53 स्वसहायता समूहों ने मास्क तैयार करने का काम अपने हाथ में लिया। जिसके निर्माण से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और लॉकडाउन के दौरान घर बैठे रोजगार के अवसर भी मिले।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन को मास्क तैयार करने के काम से जिले में जोड़ा गया। महामारी के दौरान में रोजगार के साधन और अवसर कम होने से मास्क की सिलाई स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार का माध्यम और उनके आत्मनिर्भर होने का जरिया भी बना है। उन्होने बताया कि 6 विकासखण्ड और 24 ग्रामों के 53 महिला स्वसहायता समूहों की 305 महिलाओं द्वारा 3 लाख 43 हजार 823 मास्क अब तक तैयार किये जा चुके हैं। जिनमें से 3 लाख 29 हजार 263 मास्क वितरित भी किये जा चुके हैं। स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क 10 रुपये प्रतिमास्क की दर पर मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम एवं अन्य शासकीय, अशासकीय संस्थाओं को वितरित किये हैं। स्वसहायता समूहों के लिये मास्क निर्माण रोजगार के साथ ही आय का बेहतर जरिया भी साबित हुआ है।
आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क के अनुसार कटनी जनपद के 12 महिला स्वसहायता समूहों द्वारा 1 लाख 18 हजार 762 मास्क, बड़वारा 4 स्वसहायता समूहों द्वारा 22 हजार 263, रीठी के 4 स्वसहायता समूहों द्वारा 41 हजार 748, बहोरीबंद के 8 स्वसहायता समूहों द्वारा 81 हजार 588, ढीमरखेड़ा के 8 स्वसहायता समूहों द्वारा 46 हजार 80 मास्क और विजयराघवगढ़ के 5 स्वसहायता समूहों द्वारा 33 हजार 387 मास्क तैयार कर वितरित किये गये हैं।
गणवेश भी सिलेंगे स्वसहायता समूह
मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन कटनी के सिलाई में दक्ष महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं को स्कूली बच्चों के गणवेश तैयार करने का काम भी दिया गया है। इसके लिये जिले में महिलाओं के लिये 17 सिलाई केन्द्र बनाये गये हैं। जिनमें 1625 उपलब्ध सिलाई मशीनों पर ड्रेस की सिलाई करने आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों की 1625 महिलाओं का चयन और प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे ने बताया कि इन महिला स्वसहायता समूहों को 2 लाख 69 हजार 942 बच्चों के गणवेश सिलकर तैयार करने का ऑर्डर मिल चुका है। राज्य शासन के निर्देशानुसार स्कूली बच्चों की ड्रेस का कार्य महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सौंपने से समूहों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आत्मनिर्भरता भी आयेगी।


