महिला स्वसहायता समूह संवारेंगे संजय निकुंज की तस्वीर

जिले के 6 शासकीय रोपणियों में नर्सरी निर्माण का लक्ष्य

कटनी  कटनी जिले में उद्यानिकी विभाग के सभी 6 शासकीय संजय निकुंज में आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूहों को जिम्मेदारी देकर नर्सरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। प्रारंभिक तौर पर शासकीय रोपणी खिरहनी और बड़वारा में स्वसहायता समूहों द्वारा रोपणी बेड तैयार कर नर्सरी का निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया है।

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह के निर्देशन में प्रारंभिक तौर पर मनरेगा के अभिसरण से उद्यानिकी विभाग की खिरहनी और बड़वारा नर्सरी को आजीविका मिशन के समूहों के माध्यम से संवारने 50-50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। बड़वारा नर्सरी के विकसित करने का कार्य लखाखेरा ग्राम पंचायत के दुर्गा स्वसहायता समूहा को मिला है। जिनके द्वारा लगभग 2 एकड़ भूमि में नर्सरी विकसित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं खिरहनी नर्सरी विकसित करने का काम भी खिरवा के शिवशक्ति स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा प्रारंभ किया गया है। दोनो ही शासकीय नपर्सरियों में फलदार, छायादर एवं सजावटी फूलों के पौधे तैयार करने नर्सरी के कार्य के साथ ही कार्य की सुविधा की दृष्टि से गार्ड रुम, पानी की व्यवस्थायें भी की जा रही हैं। आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूहों द्वारा उद्यानिकी, मनरेगा के तकनीकी मार्गदर्शन से फलदार एवं विभिन्न प्रकार के पौधे तैयार करने का काम किया जायेगा। आजीविका और रोजगार से जुड़कर स्वसहायता समूह आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से आत्म निर्भर बन सकेंगे।

            जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश चन्द्र गोमे ने वर्ष 2020-21 की वृक्षारोपण की कार्ययोजना के बारे में बताया कि जिले की सभी 6 शासकीय नर्सरियों को स्वसहायता समूहों के माध्यम से विकसित करने का लक्ष्य है। इसी प्रकार सभी 6 जनपद पंचायतों में पूर्व की 402 पौधारोपण परियोजनाओं में गैप फिलिंग के रुप में वृक्षारोपण किया जायेगा। इसके अलावा एनआरएलएम के समूहों द्वारा 302 हितग्राहियों के यहां फलोद्यान विकसित करने वृक्षारोपण किया जायेगा। उद्यानिकी एवं अन्य विभागों की योजनाओं के तहत 231 हितग्राहियों के यहां फलोद्यान विकसित करने का लक्ष्य है। बांस रोपण 179 स्थानों पर, ब्लाक प्लान्टेशन 49 स्थानों पर तथा 150 चारागाहों में वृक्षारोपण होगा। इसके अलावा जिले में मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने वाले स्वसहायता समूहों को ताजी सब्जियों की उपलब्धता के लिये 443 विद्यालयों में एमडीएम पोषण वाटिका भी तैयार की जायेगी।

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