जिले के 1100 ग्रामीण तालाबों में 1982 हैक्टेयर जल क्षेत्र उपलब्ध

फिशरमेन क्रेडिट कार्ड से ऋण लेकर किया जा सकता है मत्स्य पालन

कटनी  ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन की गतिविधि कम समय कम श्रम और कम लागत में अधिक लाभ देने वाली मुख्य सहायक व्यवसायिक गतिविधि है। कटनी जिले में 1100 ग्रामीण तालाबों के जलक्षेत्र 19़82 हैक्टेयर और 79 सिंचाई जलाशयों 3212 हैक्टेयर जल क्षेत्र में मत्स्य पालन का कार्य विभिन्न सहायता समूहों एवं पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियां कर रही हैं। मत्स्य कृषक मत्स्यपालन की आधुनिक तकनीकों एवं समयानुसार इनपुट का उपयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन कर सकें, इसके लिये मत्स्य पालन गतिविधियों के लिये फिशरमैन किसान क्रेडिट कार्ड का ऋणमान बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक की लिमिट निर्धारित की गई है।

            सहायक संचालक मत्स्योद्योग अनीता चौधरी ने बताया कि फिशरमैन क्रेडिट के माध्यम से अल्प अवधि के ऋण लेकर ग्रामीण तालाबों, सिंचाई जलाशयों एवं मौसमी तालाबों में स्पान संवर्धन कर मत्स्य बीज उत्पादन की गतिविधि की जा सकती है। उन्होने बताया कि जिले के मत्स्य प्रक्षेत्र सुरखी टैंक में 90 लाख मिश्रित स्पान मेजर कार्प का उत्पादन किया गया है। वर्तमान में जिले में मछली पालन की औसत उत्पादकता 23 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है। जिसे इस बार बढ़ाकर 30 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक ले जानी है।

            जिले में मत्स्य कृषक विकास अभिकरण योजना के तहत ग्राम पंचायत के स्वामित्व के तालाबों एवं निजी स्वामित्व के तालाबों में मत्स्य पालन संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत ग्राम पंचायत के स्वामित्व के तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर गरीबी रेखा के नीचे के परिवार एक हितग्राही एक हैक्टेयर जलक्षेत्र के मान से मत्स्य पालन कर सकते हैं। ग्रामीण तालाबों के मत्स्य पालन में एक हैक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य कृषक कार्बनिक, अकार्बनिक खाद, उर्वरक परिपूरक आहार के रुप में एक लाख 30 हजार की लागत में कुल एक लाख 95 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

            इसी प्रकार सिंचाई जलाशयों में पंजीकृत मछुआ सहकारी समिति एवं स्वसहायता समूहों द्वारा मत्स्य पालन किया जा रहा है। सिंचाई जलाशयों में पानी की कमी से उत्पादन कम होता है। फिर भी व्यय और ब्याज लागत के बाद 85 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर की शुद्ध आमदनी होती है। इसके अलावा मौसमी और निजी तालाबों में मिश्रित स्पान बीज का संवर्धन कर कम समय में मत्स्य बीज उत्पादन की गतिविधियां भी ली जा सकती हैं। मत्स्य बीज उत्पादन 35 लाख फ्राई के लिये मत्स्य पालन की लागत 1 लाख 50 हजार रुपये में मत्स्य बीज विक्रय के बाद एक हैक्टेयर जलक्षेत्र से 3 लाख 75 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी ली जा सकती है। सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं निजी क्षेत्रों के तालाबों में मत्स्य पालन के इच्छुक किसान मत्स्य प्रक्षेत्र अधिकारी अथवा सहायक संचालक मत्स्योद्योग कार्यालय कटनी से तकनीकी मार्गदर्शन ले सकते हैं।

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