
जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम डांगीढ़ाना में युवाओं के नेक संकल्प ने गांव की तस्वीर ही बदल दी है। इन युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण के साथ शमशान भूमि के जीर्णोद्धार व गांव की सुरक्षा के लिए उठाये गये कदमों की चर्चा सभी कर रहे हैं। ग्राम पंचायत और ग्रामवासियों के सहयोग से ये युवक विगत 4 वर्षों से गांव के विकास को सकारात्मक गति दे रहे हैं। इनके प्रयासों से वर्षों से उपेक्षित पड़े गांव के मुक्तिधाम ने अब व्यवस्थित उद्यान का रूप धारण कर लिया है।

ग्रामीण युवाओं द्वारा करीब 10 माह पहले शमशान भूमि में अंतिम संस्कार के लिए बने टूटे- फूटे शेड का व्यवस्थित निर्माण कराया गया। मुक्तिधाम की तार- जाली से फेंसिंग कराकर यहां विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे गये। युवाओं द्वारा मुक्तिधाम के सामने की ओर वाटर पाम, ऐरिका पाम, फाइकस, क्रोटन, चंपा, गुलमोहर, चीकू, बादाम, कदम, जामुन, बरगद आदि के 80 पेड़ लगाये गये हैं। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और वरिष्ठजनों की सहमति से शमशान घाट को शांति सरोवर नाम दिया गया है।
इन युवाओं व संस्थाओं के प्रयासों से बदली तस्वीर
गांव के विकास के लिए अजय पटैल, नंदन पटैल, अनूप राय, कुबेर पटैल, नवनीत ऊमरे, कार्तिक विश्वकर्मा, दीपक झारिया, आदित्य झारिया, जितेंद्र ठाकुर, नीलेश पटैल, देवेंद्र पटैल, लक्ष्मीनारायण पटैल, दिनेश सिगोतिया, सत्यनारायण पटैल, देवेंद्र राय, सुरेश विश्वकर्मा, सतीश राय, सोमेश राय, संतोष विश्वकर्मा, भूपेंद्र राय, सत्यम ठाकुर, साकेत झारिया, अजय यादव, दीपेश झारिया, जितेंद्र मेहरा, निकेश ऊमरे, लकी, सृजल, प्रिंस, आदि युवा जहां पुरजोर प्रयास कर रहे हैं, वहीं ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि और सरपंच गनेश पटैल भी इनका सहयोग कर रहे हैं। इसी क्रम में स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, संस्कार पब्लिक स्कूल, विद्युत विभाग, शासकीय माध्यमिक शाला, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, वृहताकार सहकारी समिति, पशु चिकित्सालय आदि संस्थाएं भी युवाओं का यथासंभव सहयोग कर रही हैं।