बुंदेलखंड में नव नेत्र ज्योति: आंखों के लिए मिनी एम्स कहा जाता चित्रकूट का यह हॉस्पिटल, मुफ्त में होता है मोतियाबिंद का इलाज
(छतरपुर) मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर चित्रकूट में सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय है । जानकी कुंड के पास स्थित होने से लोग इसे जानकी कुंड हॉस्पिटल के नाम से भी जानते हैं। देश में आंखों के इलाज के कई हॉस्पिटल हैं। आंखों के इलाज से जुड़े कई हॉस्पिटल सब्सिडी पर भी चलते हैं तो कई पब्लिक फंड और दान के अन्य तरीकों से चलते हैं। आज हम आपको आंखों के इलाज से जुड़े एक ऐसे हॉस्पिटल के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप में काफी चर्चित है । मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर पड़ने वाले इस हॉस्पिटल को लोग मिनी एम्स के नाम से जानते हैं। इस अस्पताल में देश के कोने कोने से हजारों लोग अपनी आंखों का इलाज कराने पहुंचते हैं । यहां मोतियाबिंद के मुफ्त इलाज की भी सुविधा है ।
मुफ्त ओपीडी में करवाएं रजिस्ट्रेशन
आपको बता दें कि यूपी के चित्रकूट में सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय है । जानकी कुंड के पास स्थित होने से लोग इसे जानकी कुंड हॉस्पिटल के नाम से भी जानते हैं । वहां पहुंच कर आप अपनी आंखों के मोतियाबिंद का इलाज मुफ्त में करवा सकते हैं । इसके लिए आपको फ्री ओपीडी में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नंबर के आधार पर उनके मोतियाबिंद का मुफ्त इलाज किया जाता है । जानकारी के लिए बता दें कि इस अस्पताल में हर साल 1 लाख से ज्यादा लोगों के मोतियाबिंद का इलाज मुफ्त में होता है ।
हॉस्पिटल के ट्रस्टी ने दी जानकारी
जानकी कुंड के ट्रस्टी डॉक्टर इलेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में 50 वर्षों से लगातार मोतियाबिंद का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। यहां देश के कोने-कोने से लोग आते हैं । जिन मरीजों को फ्री में मोतियाबिंद का इलाज करवाना होता है वह हॉस्पिटल में मौजूद मुफ्त ओपीडी में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस हॉस्पिटल के द्वारा 6 से 7 हजार कैंप हर साल लगवाए जाते हैं जिसमें जाकर लोग मुफ्त में मोतियाबिंद का इलाज करवा सकते हैं ।
✍️ (पंकज पाराशर)
RPKP INDIA NEWS
छतरपुर
