विवाह उत्सव, पैलेस, होटल, लॉज और बारात घरों में चोरी की घटनाओं से रहें सतर्क

(मैहर) वर्तमान समय में विवाह उत्सवों का दौर चल रहा है। चाहे वर पक्ष हो या वधू पक्ष—हर तरफ कार्यक्रम, पार्टियाँ और तैयारियों का सिलसिला जारी है। ऐसे अवसरों पर दोनों पक्षों द्वारा धनराशि, सोने-चाँदी के आभूषण, अन्य मूल्यवान सामग्री एवं सामान बड़ी मात्रा में तैयारियों हेतु रखा जाता है।व्यस्तता के कारण लोग अपने सामान की ओर उतना ध्यान नहीं दे पाते, और इसी लापरवाही का मौका कुछ असामाजिक तत्व—चोर, उचक्के, पुरुष या महिलाएँ—उठा लेते हैं। वे सजे-धजे होकर ऐसे घुल-मिल जाते हैं कि दोनों पक्ष यह समझ ही नहीं पाते कि वे किस ओर से आए हैं।

रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम कहती है कि रात के समय या भीड़भाड़ वाले क्षणों में वे मोबाइल, पर्स, नकदी, गहने आदि चुरा कर रफूचक्कर हो जाते हैं। कई बार वे कैमरे में दिखाई भी दे जाते हैं, पर परिचित न होने के कारण पहचान मुश्किल हो जाती है। हाल ही में ऐसी चोरी की घटनाएँ लगातार सुनने में आ रही हैं।*

क्या रखें सावधानियाँ?
1. नारी शक्ति विशेष रूप से सतर्क रहे अपने सोने-चाँदी के आभूषण सुरक्षित तरीके से पहनें। भीड़भाड़ में पर्स और कीमती सामान को सुरक्षित रखें।

2. वधू पक्ष विशेष सावधानी रखे चढ़ावे के गहनों, धन राशि और अन्य मूल्यवान सामान की निरंतर निगरानी रखें। जिन लोगों को नहीं जानते या पहचानते, उन्हें सामान वाले कमरे में आने से रोकें।

3. अजनबियों से दूरी बनाए रखें संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत परिवारजनों को सूचित करें। आवश्यक होने पर ऐसे लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाएं।

4. सुरक्षा की जिम्मेदारी दोनों पक्षों की है कार्यक्रम में अपने सामान की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें। याद रखें—होटल, लॉज या पैलेस वाले ऐसी चोरी की घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं होते।*

5. संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।
समय पर सूचना कई बड़ी घटनाओं को रोक सकता है।

लापरवाही हटी—दुर्घटना घटी!
विवाह उत्सव को खुशियों से भरपूर बनाए रखने के लिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।

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