महानदी वि.गढ़ का पुल क्षतिग्रस्त, बड़ी दुर्घटना की आशंका, प्रशासन बना अंजान

(विजयराघवगढ़) विजयराघवगढ़ से बरही मार्ग पर बने पुराने महानदी पुल पर इन दिनों जानलेवा बड़े-बड़े गड्ढे होकर पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इन गड्ढे पर लोहे की सरिया वाहर निकल आई है जिससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है जबकि प्रशासनिक अधिकारियों का निरंतर आना-जाना इसी पुल के ऊपर से होता है लेकिन प्रशासन यह जानकर भी अनजान बना हुआ है।

गौरतलब है कि विजयराघवगढ़ से बरही उमरिया शहडोल और अमरकंटक से होते हुए छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह इकलौता पुल है जो सन 1975 के आसपास निर्मित हुआ था, जिससे पुल 50 वर्ष पूर्ण कर अब जीणऺ शीण॑ होकर नए पुल की बाट जोह रहा है पर प्रशासनिक उदासीनता के कारण नवीन पुल का निर्माण मंथर गति से चलने के कारण अभी तक कार्य अधर में लटका हुआ है।

भारी वाहनों का दबाव पिछले 50 वर्ष पूर्व निर्मित पुल के वाहन की भार क्षमता लगभग 15 से 20 टन के हिसाब से बनाई गई थी लेकिन वर्तमान में 45 से 50 टन का वजन लेकर भारी वाहनों का आवागमन होता है जो पुल की क्षमता के हिसाब से अधिक है जिस के कारण पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

रेत नाका बना बाधक पुल के अंतिम छोर पर स्थापित रेत नाके पर रेत से भरे भारी वाहन जब नाके में आकर खड़े होते हैं और घंटो खड़े रहते हैं, जिससे रेत का पानी बहकर पुल के ऊपर जाता है जिसके फलस्वरुप पुल में ढेर सारे जानलेवा गड्ढे हो गए हैं यदि वहां पर स्थापित रेत नाके को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाए तो पुल पर पानी भरना बंद हो जाएगा और जानलेवा गड्ढे भी समाप्त होकर पुल को जीवन दान मिल जाएगा।

बाणसागर पानी का बना दबाव
बाणसागर में पानी का भराव होने से जिस पुल से आवागमन होता है उस पुल के नीचे लगभग 15 फुट पानी की गहराई है यदि पुल के ऊपर घटना होती है तो निश्चित ही पानी के भराव के कारण बड़ी जनहानि व दुर्घटना हो सकती है। इसलिए प्रशासन को दुर्घटना के पूर्व पुल की मरम्मत कर बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता है।

कछुआ गति से चल रहा नवीन पुल का निर्माण वर्तमान समय में विजयराघवगढ़ बरही मार्ग पर विगत कई वर्षों से नवीन पुल का निर्माण कछुआ गति से चल रहा है जो अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। बरही से मैहर जाने वाले मार्ग पर बने पुल को प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त घोषित कर भारी वाहनों को निकलने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है जिस वजह से शहडोल उमरिया सहित प्रदेश की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ राज्य से आने वाले भारी वाहनों का आवागमन इसी पुल पर से होता है। इस दबाव को देखते हुए प्रशासन को चाहिए सेतु निर्माण कंपनी के ठेकेदार को अविलंव पुल का कार्य पूर्ण कर आवागमन सुचारू रूप से प्रारंभ कराया जाए।

इनका कहना है:
“पुराने पुल में जो गड्ढे हो गए हैं तात्कालिक रूप से उनको सही कराया जाएगा, साथ ही ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारियों से बात कर नवीन पुल का निर्माण कार्य जो धीमी गति से चल रहा है संबंधित ठेकेदार से बात करके निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा कराया जाएगा और बहुत जल्द ही नवीन पुल जनता के लिए खोल दिया जाएगा जिससे आवागमन बाधित न होने पाए।”
विवेक गुप्ता
अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) विजयराघवगढ़
✍️ जागेश्वर प्रसाद मिश्रा
RPKP INDIA NEWS
    विजयराघवगढ़

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