सभी परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना करें सुनिश्चित: प्रबंध संचालक श्री भोंडवे

दस हजार महिला अमृत मित्र होंगे तैनात जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं की हुई समीक्षा

(भोपाल) मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) के प्रबंध संचालक सह आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री संकेत भोंडवे ने पूर्ण हो चुकी 35 नगरीय निकायों एवं प्रगतिरत 52 नगरीय निकायों की जल प्रदाय एवं सीवरेज प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की।

एम.डी. श्री भोंडवे ने एकीकृत विकास परियोजना बुधनी के ठेकेदार वाज़ इंडिया को टर्मिनेट करने एवं ब्लैक लिस्ट करने, पसान के मुख्य ठेकेदार द्वारा नियुक्त सब कांट्रेक्टर कात्यानी, शहडोल सीवरेज में मुख्य ठेकेदार द्वारा नियुक्त सब कांट्रेक्टर ईफिल तथा सांची सीवरेज परियोजना के ठेकेदार 3 आर एम को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। वही ईपीसीएल को प्रदर्शन न सुधरने पर टर्मिनेट करने की चेतावनी दी गई। इसके अतिरिक्त सभी परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

प्रबंध संचालक श्री भोंडवे ने निर्देश दिए कि जल प्रदाय की लाइन किसी भी स्थिति में सीवरेज लाइन से न मिले, जिससे पेयजल की स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने जल परीक्षण के लिए एमपीयूडीसी के माध्यम से 10 हजार महिला अमृत मित्र तैनात करने के भी निर्देश दिए। यह अमृत मित्र जल स्वच्छता की जांच करेंगी। उन्होंने कहा कि एमपीयूडीसी की सभी परियोजनाओं की समीक्षा अब हर माह की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं के लिए साप्ताहिक कार्य योजना तैयार कर, समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करें एवं परियोजना प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए।

प्रबंध संचालक श्री भोंडवे ने जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष परियोजनाओं में आ रही अतिक्रमण या अन्य बाधाओं को समाप्त कर समय पर समाधान करने एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले ठेकेदारों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क रेस्टोरेशन कार्य को पूर्ण गुणवत्ता के साथ करने पर जोर दिया। प्रबंध संचालक श्री भोंडवे ने तय समय सीमा में कार्य योजना बनाकर उसे अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री दिव्यांक सिंह ने कहा कि परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति, उनसे होने वाले जनहित लाभों एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं से जनता को मिल रहे लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।

अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री दिव्यांक सिंह एवं प्रमुख अभियंता श्री आनंद सिंह ने कार्य शाला में आए स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से इकाई अनुसार वन टू वन चर्चा भी की।

बैठक में संबंधित समस्त नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि, परियोजना प्रबंधक, संविदाकार एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित रहें।

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