हरदा में पत्रकार पर जानलेवा हमला: कानून व्यवस्था पर सवाल, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
(हरदा) जिले में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर एक और गंभीर हमला सामने आया है। पत्रकार उत्तम गिरी गोस्वामी पर बीती रात अज्ञात नकाबपोश बदमाशों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हमलावर न केवल उन्हें गंभीर रूप से घायल कर मौके से फरार हो गए, बल्कि उनकी गले की चेन भी लूटकर ले गए।
चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के बाद भी पुलिस प्रशासन एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल करता नजर आया। जबकि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से कैद है, फिर भी तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
पत्रकार संगठनों में भारी रोष है। भारतीय पत्रकार संघ, प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट, जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया एवं प्रिंट मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास बताया है। संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले का प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
इस मामले में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक शशांक जी से मिला और ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बड़ी संख्या में पत्रकार साथियों ने एकजुट होकर उत्तम गिरी गोस्वामी के समर्थन में आवाज बुलंद की और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
सवाल यह है कि जब सीसीटीवी में आरोपी साफ दिखाई दे रहे हैं, तो गिरफ्तारी में देरी क्यों? क्या पत्रकारों की सुरक्षा अब भगवान भरोसे है?
हरदा में हुए इस हमले ने कानून व्यवस्था और पत्रकार सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। अब निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

