Pride Moments for Kymore : 40 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद कैमोर लौटे वीर सपूत सूबेदार वीरेंद्र द्विवेदी का होगा भव्य स्वागत

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(कैमोर) औद्योगिक नगरी कैमोर के लिए यह गर्व और सम्मान का ऐतिहासिक क्षण है। Border Security Force (बीएसएफ) में चार दशकों तक अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा के साथ सेवा देने वाले सूबेदार वीरेंद्र द्विवेदी 4 मार्च को अपने गृह नगर कैमोर पहुंच रहे हैं । 28 फरवरी को वे आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्त हुए।

मात्र 21 वर्ष की आयु में मातृभूमि की रक्षा का संकल्प लेकर बीएसएफ में भर्ती हुए सूबेदार द्विवेदी ने 40 वर्षों तक देश की सीमाओं पर कठिनतम परिस्थितियों में डटकर कर्तव्य निभाया। उनकी अंतिम पदस्थापना Jammu and Kashmir में रही, जहां दुर्गम भौगोलिक हालात, प्रतिकूल मौसम और संवेदनशील परिस्थितियों के बीच उन्होंने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।

अदम्य साहस और अनुशासन की मिसाल

सैनिक जीवन त्याग, तपस्या और समर्पण का प्रतीक होता है। सूबेदार के पद पर रहते हुए उन्होंने कंपनी स्तर पर नेतृत्व करते हुए जवानों का मार्गदर्शन किया। यह पद केवल एक रैंक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल की कसौटी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में निरंतर सेवा देना उनके अदम्य साहस, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्रप्रेम को दर्शाता है।

उनकी कार्यशैली में अनुशासन, समयपालन, टीम भावना और संकट में धैर्य प्रमुख गुण रहे। साथियों के बीच वे प्रेरणास्रोत और युवा जवानों के लिए मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते रहे हैं।

नगर में गौरव और उत्साह का माहौल

उनकी घर वापसी की खबर से परिवार सहित पूरे नगर में हर्ष और गर्व का वातावरण है। नगरवासियों का कहना है कि सूबेदार वीरेंद्र द्विवेदी ने अपने कर्म, निष्ठा और परिश्रम से कैमोर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

उनके पुत्र चंदन द्विवेदी, जो वर्तमान में निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपने पिता की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भावुक और गर्वित हैं। परिवार के लिए यह पल भावनाओं से भरा है, वहीं नगर के लिए यह प्रेरणा का अवसर है।

भव्य स्वागत की तैयारियां

4 मार्च को कैमोर में उनके सम्मान में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जा रहा है। नगर के गणमान्य नागरिक, युवा वर्ग एवं सामाजिक संगठन इस गौरवपूर्ण अवसर के साक्षी बनेंगे।

देश सेवा के 40 वर्ष पूर्ण कर लौटे सूबेदार वीरेंद्र द्विवेदी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा के प्रकाशस्तंभ हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि समर्पण, अनुशासन, साहस और राष्ट्रप्रेम से ही सच्ची पहचान बनती है। कैमोर अपने इस वीर सपूत का खुले दिल से अभिनंदन करता है।

✍️ (संतोष प्रसाद तिवारी)
  RPKP INDIA NEWS
                 कैमोर

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