शहादत के 95 वर्ष पर “शहादत का मोल” स्मारिका का विमोचन, देशभर के सेनानी परिवार हुए शामिल
(नई दिल्ली) अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण परिषद के तत्वावधान में कंसीटूशनल क्लब नई दिल्ली में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु का 95वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में देश के 16 राज्यों—उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित विभिन्न प्रांतों से स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, लोकसभा के डिप्टी स्पीकर भर्रथरी महताब, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा ने की। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा ने संगठन की गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए सरदार भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु की शहादत पर आधारित “शहादत का मोल” स्मारिका का मंचासीन अतिथियों के करकमलों से विमोचन कराया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

विचार व्यक्त करने वालों में मो. सलाउद्दीन फारूखी (नई दिल्ली), तेजपाल सिंह तोमर (मेरठ), ज्ञान सिंह सग्गू (अमृतसर), अप्पा राव नेवले (कर्नाटक), सुरेंद्र दुबे (विजयराघवगढ़ कटनी), गिरजा शंकर राय (झांसी), रमेश मिश्रा (बहराइच), अशोक सिंधु (भोपाल), अवदेश पंत (देहरादून), ओमप्रकाश जोगी बाबा (सुपौल बिहार) सहित अन्य वक्ताओं ने क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में पंकज सोहाने (मैहर), सतीश मिश्रा, विकास जोशी, मनोहर सिंह तोमर, शरद दुबे, राजकुमार आर्य, शैलेन्द्र पाराशर, राकेश चौरासिया, गिर्राज डंडोतिया, राकेश देवदत्त शास्त्री, अजीत सिंह पाली (संगरूर पंजाब) सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
