सतना जिले को बाल विवाह रहित बनाने में सहयोग करें सेवा प्रदाता
कलेक्टर ने सेवा प्रदाताओं से की सहयोग की अपेक्षा
(सतना) कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने वैवाहिक कार्यक्रम में सेवायें देने वाले सेवा प्रदाताओं से अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले बाल विवाह को रोकने एवं सतना जिले को बाल विवाह रहित बनाने में सहयोग की अपेक्षा की है। कलेक्टर ने जिले के प्रिटिंग प्रेस एसोसियेशन, हलवाई, केटरर, धर्मगुरु, समाज के मुखिया, बैंड वाला, घोड़ा वाला, टेंट हाउस एवं ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन के संचालकों से कहा है कि बाल विवाह की स्थिति प्रतीत होने पर विवाह के पूर्व वर-वधु के उम्र संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण अवश्य कर लें। शासन द्वारा विवाह के लिये बालकों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं बालिका की 18 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी प्रकार प्रिटिंग प्रेस के संचालक विवाह पत्रिका में ‘वर-वधु बालिग हैं’ के स्थान पर ‘वर-वधु की विवाह योग्य विधि अनुरुप मान्य उम्र है’ का उल्लेख करें। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा है कि अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रायः अत्याधिक संख्या में विवाह संपन्न होते हैं। जिसमें बाल विवाह होने की अधिक संभावनाएं होती हैं। बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है। इस कुरीति को रोकने के लिये सभी के सहयोग की आवश्यकता है। बाल विवाह से संबंधित सामाजिक प्रथाओं और मानसिकता में बदलाव लाने के उद्देश्य से शासन द्वारा वर्ष 2013 से लाडो अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम के प्रयास किये जा रहे हैं।
