कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला ने देवास जिले में जारी किए नवीन प्रतिबंधनात्मक आदेश

( देवास )

जिले में धार्मिक कार्य / त्यौहार का आयोजन सार्वजनिक स्थलों पर न करे न ही कोई धार्मिक जुलूस या रैली, चल समारोह निकाले, सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार की मूर्ति , झांकी , ताजियें आदि की स्थापना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे, धार्मिक / उपासना स्थलों पर एक समय में 05 से अधिक व्यक्ति इकट्ठे न हों, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम राज्य शासन द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जाये

 कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला ने  कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने एवं आमजन के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आशंकित संकट को दूर करने तथा गणेश चतुर्थी, तेजादशमी, डोलग्यारस, मोहर्रम आदि पर्व को दृष्टिगत रखते हुए कानून व्यवस्था एवं शांति, सुरक्षा बनाए रखने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत पूर्व में जारी  आदेश  में आंशिक संशोधन करते हुए नवीन प्रतिबंधनात्मक आदेश किया  है।
जारी आदेशानुसार कोई भी धार्मिक कार्य / त्यौहार का आयोजन सार्वजनिक स्थलों पर नहीं किया जावे तथा न ही कोई धार्मिक जुलूस या रैली, चल समारोह निकाला जावे। सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार की मूर्ति, झांकी, ताजियें आदि की स्थापना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे तथा किसी प्रकार का पंडाल, टेन्ट, शामियाना नही लगाए जायेंगे। सर्व संबंधितों से अपेक्षा की जाती है कि अपने – अपने घरों में ही पूजा / उपासना करेंगे।  धार्मिक / उपासना स्थलों पर कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है कि एक समय में 05 से अधिक व्यक्ति इकट्ठे न हों। साथ ही उपासना स्थलों पर फेस कवर एवं सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम राज्य शासन द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जाये। निजी तौर पर आयोजित किए जाने वाले समारोह में 5 से अधिक व्यक्ति इकटठा न हो साथ ही फेस कव्हर एवं सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।अनुविभागीय दण्डाधिकारी ( समस्त ) / नगर पुलिस अधीक्षक देवास / अनुविभागीय अधिकारी ( पुलिस ) समस्त / कार्यपालिक दण्डाधिकारी ( समस्त ) / थाना प्रभारी ( समस्त ) अपने – अपने क्षेत्र में उक्त आदेश का कड़ाई से पालन कराएंगे। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 187,188, 269, 270, 271 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 तथा द एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897 के अंतर्गत कार्यवाही कर उल्लघंनकर्ता के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया जावेगा। शेष आदेश यथावत् रहेंगे।

 

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