समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
ग्रीष्मकाल में शुद्ध पेयजल, विद्युत आपूर्ति, जल संरक्षण एवं लोक सेवा गारंटी के मामलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन नियमित रूप से कराया जाए तथा जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता, उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्मी के मौसम में नागरिकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति पर सतत निगरानी रखी जाए तथा खराब ट्रांसफार्मरों एवं विद्युत बाधाओं का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति आमजन की प्राथमिक आवश्यकता है, इसलिए किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य 31 मई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता एवं समयसीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मई तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि जून माह से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा अनावश्यक पेंडेंसी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के संबंध में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही शासन की प्राथमिकताओं के विपरीत है और इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में गेहूं उपार्जन कार्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपार्जित गेहूं के परिवहन कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि परिवहन एवं भंडारण की प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जाए, ताकि किसानों एवं उपार्जन केंद्रों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में “किसान कल्याण वर्ष” अंतर्गत संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को किसानों से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा जल संरक्षण समय की आवश्यकता है और सभी विभाग इसमें सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, उपखंड अधिकारी सिहावल राजेश शुक्ला, मझौली आर.पी. त्रिपाठी, कुसमी शैलेश द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
