मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मज़ाक बना दिया है : जीतू पटवारी
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर प्रशासनिक अराजकता, शिक्षकों के साथ अन्याय और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। सरकार को यह तक नहीं पता कि लाखों कर्मचारी किस विभाग के अंतर्गत आते हैं और उनकी पेंशन की जिम्मेदारी किसकी है।
श्री पटवारी ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगभग 3 लाख शिक्षकों को अपना कर्मचारी मानने से इंकार किया जाना बेहद गंभीर और अमानवीय मामला है। इस निर्णय के कारण लाखों शिक्षकों की पुरानी पेंशन, सेवा सुरक्षा और लगभग 20 वर्षों की वरिष्ठता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रशासनिक व्यवस्था एक क्रूर मज़ाक बन चुकी है। जो शिक्षक वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, आज वही अपने भविष्य और अधिकारों को लेकर असुरक्षित हैं। सरकार को तत्काल स्पष्ट करना चाहिए कि इन शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पेंशन और वरिष्ठता की जिम्मेदारी कौन लेगा।
श्री पटवारी ने कहा कि एक ओर प्रदेश के लाखों युवा रोजगार की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार लगातार नौकरियां समाप्त कर रही है। मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल पर 25 लाख से अधिक युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में बेरोजगारी भयावह स्तर पर पहुंच चुकी है।
श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार ने प्रदेश में 1.2 लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए। सरकार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है कि उसके पास वेतन देने के लिए बजट नहीं है। यदि सरकार के पास कर्मचारियों और युवाओं के लिए बजट नहीं है, तो फिर हजारों करोड़ रुपये के कर्ज लेकर इवेंटबाज़ी और प्रचार पर खर्च कैसे किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के तथाकथित रोजगार मेले केवल दिखावा और प्रचार का माध्यम बन चुके हैं। एक लाख से अधिक पद समाप्त कर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उसे प्रदेश के युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय प्रदेश को बेरोजगारी की ओर धकेल रही है।
श्री पटवारी ने मांग की कि सरकार तत्काल शिक्षकों से जुड़े फैसले को वापस ले और सभी शिक्षकों को नियमानुसार पेंशन, सेवा सुरक्षा एवं वरिष्ठता का लाभ सुनिश्चित करे। साथ ही समाप्त किए गए पदों को पुनः बहाल कर नए पद सृजित किए जाएं ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों, कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।
